रेवांचल टाइम्स मंडला जिले के प्रतिष्ठित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पदमी एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सुरक्षित आवासीय वातावरण के लिए पहचाने जाने वाले इस विद्यालय पर अब गंभीर आरोप लगे हैं। समाजसेवी पी.डी. खैरवार ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया है कि यहां जूनियर छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
खैरवार ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उन्हें कई पालकों और विद्यालय में अध्ययनरत जूनियर छात्रों से नाम गोपनीय रखने की शर्त पर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों के अनुसार विद्यालय के हाउसों में सीनियर छात्र जूनियर छात्रों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना करते हैं। इतना ही नहीं, कुछ छात्रों द्वारा नशीली सामग्री के सेवन और उसे जूनियर छात्रों के बैग एवं पेटियों में रखकर उन्हें फंसाने जैसी गंभीर हरकतें किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
आरोप है कि हाउसों में निर्धारित समय के बाद भी देर रात तक शोर-शराबा और अनुशासनहीन गतिविधियां चलती रहती हैं, लेकिन हाउस प्रभारी और विद्यालय प्रबंधन इस पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे हुए हैं। यदि कोई छात्र शिकायत करने का साहस करता है तो उसे अन्य छात्रों से अलग-थलग कर दिया जाता है, जिससे वह मानसिक दबाव में आ जाता है।
पी.डी. खैरवार ने कहा कि विद्यालय प्रशासन को पहले घट चुकी अप्रिय घटनाओं से सबक लेना चाहिए था, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार के बजाय लापरवाही जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए शासन से मिलने वाली सुविधाओं और राशि के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने विद्यालय के बुनियादी ढांचे पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार लैट-बाथ और छात्रावासों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। पिछले शीतकाल में विद्यार्थियों को ठंड के बावजूद गर्म पानी उपलब्ध नहीं कराया गया और उन्हें ठंडे पानी से स्नान करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं गार्ड, स्लीपर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं रहते, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है।
खैरवार का यह भी कहना है कि विद्यालय में पदस्थ कई शिक्षक सिवनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे पड़ोसी जिलों से आते हैं। बार-बार घर जाने के कारण छात्रावासों की निगरानी प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन पर पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों के नवोदय विद्यालयों की तुलना में पदमी नवोदय की व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है।
समाजसेवी पी.डी. खैरवार और पालकों ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से विद्यालय का औचक निरीक्षण कराने, छात्रावासों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले छात्रों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो समाजसेवी संगठन आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
हालांकि, यह सभी आरोप शिकायतकर्ताओं और समाजसेवी द्वारा लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक विद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
