रेवांचल टाइम्स
जगदीशपुर/भोपाल,
19 जुलाई
जितेन्द्र अलबेला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल ने आज सुशासन, सादगी और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी नजीर पेश की। कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने सुरक्षा काफिले और शासकीय वाहन को छोड़कर मंत्रियों के साथ ई-बस (इलेक्ट्रिक बस) से जगदीशपुर पहुंचे। इस पहल के जरिए सरकार ने ईंधन की बचत और शासकीय संसाधनों के मितव्ययी (विवेकपूर्ण) उपयोग का एक बड़ा संदेश दिया है।
सुरक्षा काफिला और वीआईपी गाड़ियां सीएम हाउस में ही रोकीं
रविवार सुबह करीब 10 बजे सभी मंत्रीगण और उनका स्टाफ मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए मंत्रियों के व्यक्तिगत वाहन, पायलट और फॉलो गाड़ियों को सीएम हाउस में ही रोक दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री और सभी मंत्री तीन इलेक्ट्रिक बसों में सवार होकर सामूहिक रूप से बैठक स्थल के लिए रवाना हुए।
सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अमले ने भी इस सादगी को अपनाया। बैठक में शामिल होने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी गाड़ियों को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में छोड़कर ई-बस से ही जगदीशपुर पहुंचे।
रास्ते भर हुआ भव्य स्वागत, जनता ने बरसाए फूल
मुख्यमंत्री निवास से जब ई-बसों का यह काफिला निकला, तो राजधानीवासी इस अनूठी पहल को देखने के लिए उत्सुक नजर आए। रास्ते में कई स्थानों पर ई-बसों पर पुष्प वर्षा की गई। पातरा पुल, लांबाखेड़ा और जगदीशपुर प्रवेश द्वार पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत हुआ। जगदीशपुर पहुंचने पर स्थानीय विधायक विष्णु खत्री ने अंग वस्त्रम भेंट कर और तिलक लगाकर सीएम का अभिवादन किया।
धरोहर प्रदर्शनी का शुभारंभ, जनजातीय नायकों को किया नमन
जगदीशपुर दुर्ग पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वहां लगाई गई एक विशेष धरोहर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और उसका बारीकी से अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के गौरवशाली जनजातीय नायकों, सुशासन के प्रतीक शासकों और राष्ट्रभक्तों के चित्रों व गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है। इस दौरान सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद जनजातीय कलाकारों से आत्मीय संवाद भी किया।
सुशासन की नई मिसाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल दर्शाती है कि शासन के हर स्तर पर सादगी और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि जनता के पैसे की भी बचत होगी।

