दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला|मंडला जिले में अवैध सट्टे का कारोबार एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक सट्टा किंग और खाईबाज बेखौफ होकर सट्टा-पट्टी लिखवा रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई न के बराबर दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हैं कि जहां-जहां सट्टा चल रहा है, वहां की जानकारी आम लोगों को है, लेकिन जिम्मेदार तंत्र तक यह जानकारी नहीं पहुंच रही—या फिर पहुंचकर भी अनदेखी की जा रही है, ऐसे सवाल लोगों के बीच उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नैनपुर, पिंडरई, बिछिया, निवास, चिरईडोंगरी, बम्हनी, नारायणगंज और बीजाडांडी सहित कई क्षेत्रों में सट्टा कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। आरोप है कि अब सट्टा केवल मोबाइल के जरिए ही नहीं, बल्कि काउंटर लगाकर भी सट्टा-पट्टी लिखी जा रही है, जिससे अवैध कारोबार और अधिक संगठित होता दिखाई दे रहा है।
नैनपुर में खुलेआम सट्टे के काउंटर होने का दावा
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि नैनपुर के झंडा चौक क्षेत्र में सट्टा-पट्टी के लिए काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। वहीं जामगांव, चिरईडोंगरी, डिटोरी, पिंडरई, पाटा और सिहोरा जैसे क्षेत्रों से भी सट्टा-पट्टी आने की बात कही जा रही है। यदि यह सही है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस के खुफिया तंत्र पर उठ रहे सवाल
जब अवैध सट्टे की चर्चा गांव-गांव और गली-गली में हो रही है, तब सवाल उठता है कि क्या पुलिस का खुफिया तंत्र निष्क्रिय हो चुका है? यदि नहीं, तो फिर इन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? अवैध सट्टा केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि कई परिवारों की आर्थिक बर्बादी और अन्य अपराधों की जड़ भी माना जाता है।
जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जिन स्थानों पर अवैध सट्टा संचालित होने की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि कहीं पुलिसकर्मियों की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का राज स्थापित हो सके।
