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कान्हा टाइगर रिजर्व ने रचा नया रिकॉर्ड, पर्यटकों से 18.50 करोड़ रुपये की हुई ऐतिहासिक कमाई

 पिछले वर्ष से 1.5 करोड़ रुपये अधिक राजस्व, बाघों की बढ़ती संख्या और पर्यटन आकर्षण से बढ़ी आय



मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व ने पर्यटन से होने वाली आय के मामले में नया इतिहास रच दिया है। वर्ष 2025-26 में कान्हा टाइगर रिजर्व ने 18 करोड़ 50 लाख 99 हजार रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। यह आय पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये अधिक है। बढ़ते पर्यटक, बेहतर प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पिछले सभी रिकॉर्ड टूटे

कान्हा टाइगर रिजर्व देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, पहाड़ियों, झरनों और बाघों के लिए विशेष पहचान रखता है। हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां सफारी का आनंद लेने और वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं। इसी वजह से कान्हा की पर्यटन आय लगातार बढ़ रही है।

वर्ष 2024-25 में कान्हा टाइगर रिजर्व में लगभग 2 लाख 43 हजार 965 भारतीय और 23 हजार 345 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। उस दौरान पार्क ने लगभग 17 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।
इस साल 18.50 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई

वर्ष 2025-26 में कान्हा टाइगर रिजर्व ने 18 करोड़ 50 लाख 99 हजार रुपये की रिकॉर्ड आय दर्ज की है। यह अब तक की सबसे अधिक कमाई है और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्शाती है।
260 से अधिक बाघ बने आकर्षण का केंद्र

कान्हा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में करीब 260 बाघ मौजूद हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बने हुए हैं। बाघों के अलावा यहां बारहसिंगा, तेंदुआ, भालू, गौर और कई दुर्लभ वन्यजीव भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
मानसून में कोर एरिया बंद, बफर जोन खुला

मानसून सीजन के चलते कान्हा टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद है। हालांकि, पर्यटक अभी भी बफर जोन में सफारी का आनंद ले सकते हैं। इस दौरान वन विभाग की टीमें लगातार गश्त और वन्यजीवों की निगरानी में जुटी हुई हैं।
डायरेक्टर ने कर्मचारियों को दिया सफलता का श्रेय

कान्हा टाइगर रिजर्व के निदेशक रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष प्राप्त रिकॉर्ड राजस्व पूरे स्टाफ की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से लेकर वनरक्षकों और श्रमिकों तक सभी ने दिन-रात जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कार्य किया, जिसके कारण कान्हा ने पर्यटन के क्षेत्र में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।



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