रेवांचल टाईम्स - मण्डला, प्राईवेट स्कूलों की मनमानी के चर्चा मप्र के मण्डला जिले में विगत कई वर्षों से हो रही है। सिर्फ चर्चा हो रही है मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। प्राईवेट स्कूलों में फीस को लेकर कई बार अभिभावकों में रोष देखा जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी कोई सुधार शासन-प्रशासन के द्वारा नहीं किया जा रहा है। प्राईवेट स्कूलों को भी जॉच के दायरे में लाना चाहिए जिस तरह सरकारी स्कूलों की जॉच पड़ता की जाती है उससे भी बेहतर जॉच प्राईवेट स्कूलों की जावे। सभी तरह के इंतजाम स्कूल में उपलब्ध करायें जाये। देखा यह जा रहा है कि भवनों व स्कूल परिसर की हालत खस्ता रहती है पढ़ाई क्या कराई जाती है इसकी कोई जॉच पड़ताल की जाती है या नहीं यह जॉच का विषय हो गया है। प्राईवेट स्कूल के बच्चों को भी सरकारी स्कूल के बच्चों की तरह सुविधाएं मुहैया कराई जाये ताकि भेदभाव खत्म हो और सरकार की योजनाओं का लाभ प्राईवेट स्कूल के बच्चों को भी मिले जैसे मिडडे मील, ड्रेस, साईकिल, पाठ्य पुस्तक व अन्य सुविधाएं दिया जाना चाहिए ऐसी जनापेक्षा है। प्राईवेट स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जावे। मप्र के मण्डला जिले में सभी प्राईवेट स्कूलों की जॉच पड़ताल लगातार की जावे ऐसी जनापेक्षा है।
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