नैनपुर में ट्रेन की चपेट में आए 10 वर्षीय बालक की नहीं हुई पहचान, चार दिन बाद अज्ञात के रूप में अंतिम विदाई
मंडला, नैनपुर। नैनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले 10 वर्षीय बालक की चार दिनों के प्रयास के बाद भी पहचान नहीं हो सकी। कोई परिजन सामने नहीं आने पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नैनपुर नागरिक मंच और नगर पालिका परिषद के सहयोग से बालक को अज्ञात के रूप में अंतिम विदाई दी गई।

30 नवंबर को प्लेटफॉर्म क्रमांक तीन पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर को दोपहर करीब एक बजे नागपुर से शहडोल जा रही ट्रेन नैनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक तीन से गुजर रही थी। इसी दौरान बालक ट्रेन के अंतिम डिब्बे की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नैनपुर भिजवाया।
कई रेलवे स्टेशनों पर साझा की गई जानकारी
बालक की पहचान के लिए जीआरपी, आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रयास किए। कटनी, गोसलपुर, जबलपुर और बालाघाट सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर उसकी जानकारी साझा की गई, लेकिन उसके परिजनों का पता नहीं चल सका।
बालक के पास से केवल खेलने का एक खिलौना मिला था। उसके पहनावे के आधार पर किसी घुमंतू डेरे से जुड़े होने की आशंका जताई गई, हालांकि इसकी पुष्टि करने वाली कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। चार दिनों तक इंतजार के बावजूद कोई परिजन सामने नहीं आया।
नागरिक मंच और नगर पालिका ने किया अंतिम संस्कार
नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिवनी रोड स्थित मुक्तिधाम में बालक का अंतिम संस्कार किया गया। नैनपुर नागरिक मंच ने नगर पालिका परिषद नैनपुर के सहयोग से उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए नगर पालिका ने जेसीबी उपलब्ध कराई। इस कार्य में सहयोग के लिए नगर पालिका परिषद और जेसीबी उपलब्ध कराने वाले राजू साहू के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
रेलवे स्टेशन पर बच्चों की निगरानी जरूरी
यह घटना रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और रेल पटरियों के आसपास बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत सामने लाती है। अभिभावक बच्चों को अकेले स्टेशन न जाने दें और पटरियों के आसपास खेलने से रोकें।