Breaking

revanchal times new

नर्मदा में मशीनों से उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, अवैध खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई



हाइवा की ओवरलोडिंग से लेकर ड्रिंक एंड ड्राइव तक होगी जांच, पुलिस-राजस्व और खनिज विभाग को रोजाना चेकिंग के निर्देश


दैनिक रेवांचल टाईम्स - मंडला। जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन एक बार फिर सख्त नजर आया है। जहाँ कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर जीवनदायिनी नर्मदा नदी में मशीनों से होने वाले अवैध उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नर्मदा नदी में मशीनों के माध्यम से किसी भी प्रकार का उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं खनिज के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग को प्रतिदिन संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

ओवरलोड हाइवा और नशे में वाहन चलाने वालों पर नजर

प्रशासन की निगरानी अब केवल खनिज परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी। मुख्य मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में हाइवा वाहनों की क्षमता, ओवरलोडिंग, फिटनेस तथा चालकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इसके साथ ही ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मोर्चा क्षेत्र सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर दबिश देकर कार्रवाई करने को कहा गया है।

बैठक के निर्देशों का धरातल पर कितना असर?

अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश कोई नई बात नहीं हैं। सवाल यह है कि इन निर्देशों का पालन कितनी गंभीरता से होता है। क्या प्रतिदिन चेकिंग अभियान वास्तव में संचालित होगा? क्या अवैध खनन में संलिप्त वाहनों और उनके संचालकों पर समान रूप से कार्रवाई होगी? और क्या नर्मदा के संवेदनशील घाटों पर मशीनों से होने वाले उत्खनन पर स्थायी रोक लग पाएगी?

बैठक में पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी, वनमंडलाधिकारी पूर्व प्रीता एमएस, वनमंडलाधिकारी पश्चिम एमएस मौर्य, जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना, अपर कलेक्टर सोनल सिडाम सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


निर्देश नही धरातल पर कार्यवाही की माँग

निर्देशों से नहीं रुकेगा अवैध खनन, अब कार्रवाई का इंतजार!


अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने के लिए बैठकें और निर्देश पहले भी होते रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा धरातल पर होने वाली कार्रवाई की है। नर्मदा के घाटों से लेकर खनिज परिवहन के रास्तों तक प्रशासन की निगरानी कितनी प्रभावी है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा। सवाल सिर्फ चेकिंग अभियान चलाने का नहीं, बल्कि अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का है। अब देखना यह है कि टास्क फोर्स के ये निर्देश फाइलों तक सीमित रहते हैं या अवैध खनन के कारोबार पर वास्तव में लगाम लगा पाते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new