उदयगिरि में श्री शीतलनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव संपन्न, महामस्तकाभिषेक और निर्वाण लाडू अर्पित
चांदी की पालकी में निकली भगवान जिनेंद्र की भव्य शोभायात्रा, धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति संगीत में डूबे श्रद्धालु
दैनिक रेवाँचल टाईम्स | विदिशा। श्री शीतलनाथ भगवान की चार कल्याणक भूमि के रूप में प्रसिद्ध भद्दलपुर उदयगिरि में वार्षिक महामहोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। शीतल अष्टमी के पावन अवसर पर 19 अक्टूबर, सोमवार को भगवान श्री शीतलनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्यार्जन किया।
श्रीजी का अभिषेक और पूजन, निर्वाण लाडू अर्पण, चांदी की पालकी में शोभायात्रा, ध्वजारोहण, आध्यात्मिक स्वाध्याय, महामस्तकाभिषेक और साधर्मी वात्सल्य भोज।
सुबह सात बजे से प्रारंभ हुए धार्मिक अनुष्ठान
श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता डॉ. मक्खन लाल जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः सात बजे किले के अंदर स्थित श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में भगवान श्री 1008 शीतलनाथ का अभिषेक, विधि-विधान से पूजन और निर्वाण लाडू अर्पण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
चांदी की पालकी में निकली भगवान जिनेंद्र की शोभायात्रा
प्रातः नौ बजे से उदयगिरि नसिया जी में विशेष धार्मिक आयोजन प्रारंभ हुए। इस दौरान भगवान जिनेंद्र की चांदी की पालकी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो पहाड़ तक पहुंची। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत के साथ नृत्य और मंगलगान करते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
शोभायात्रा वापस नसिया जी पहुंचने के बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। ध्वजारोहण का सौभाग्य पंडित शिखरचंद जैन तथा संजय, राजीव एवं आलोक परिवार को प्राप्त हुआ।
आध्यात्मिक स्वाध्याय में दिया धर्म और आत्मकल्याण का संदेश
धार्मिक कार्यक्रमों की अगली कड़ी में ज्ञानोदय तीर्थ दीवानगंज के प्राचार्य पंडित शुभम शास्त्री ने आध्यात्मिक स्वाध्याय कराया। उन्होंने इष्टोपदेश की गाथा पर प्रवचन प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।
महामस्तकाभिषेक में पांच कलशों का सौभाग्य
इसके बाद ब्रह्मचारी अमित भैया के निर्देशन में भगवान श्री शीतलनाथ का महामस्तकाभिषेक, पूजन एवं निर्वाण लाडू अर्पण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न परिवारों को कलश अर्पण का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
प्रथम कलश: पंडित शिखरचंद जैन अलंकार परिवार।
द्वितीय कलश: अधिवक्ता अनुभव जैन, अधिवक्ता चक्रवर्ती जैन एवं संजय जैन।
तृतीय कलश: सतेंद्र लश्करी परिवार।
चतुर्थ कलश: डॉ. एम.एल. जैन, जैन ऑप्टिकल्स परिवार।
पंचम कलश: शिखरचंद जैन, एमपीईबी परिवार।
साधर्मी वात्सल्य भोज में शामिल हुए श्रद्धालु
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के पश्चात ट्रस्ट कमेटी की ओर से सभी साधर्मियों के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और सामूहिक सहभागिता का वातावरण बना रहा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने जताया सभी सहयोगियों का आभार
कार्यक्रम की सफलता पर ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन, रवि पटेल, अधिवक्ता चक्रवर्ती जैन, डॉ. एम.एल. जैन, प्रकाश सिंघई, सुरेंद्र जैन, रीतेश जैन, राजकुमार जैन, राकेश मोदी, संजय अलंकार, वीरेंद्र मानपुर एवं परवार समाज समिति अध्यक्ष शिखरचंद जैन सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
महोत्सव में अखिल भारतीय जैन युवा एवं महिला फेडरेशन, महिला मंडल, परवार समाज समिति तथा अन्य समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहयोग प्रदान किया। आयोजन ने जैन समाज की धार्मिक परंपराओं, सामूहिक आस्था और सामाजिक एकजुटता को अभिव्यक्त किया।
समाचार जानकारी: डॉ. मक्खन लाल जैन, प्रवक्ता, श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर ट्रस्ट, विदिशा।
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