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रेवाँचल की खबर का असर: मझियाखार में वर्षों से बंद स्वच्छता परिसर का खुला ताला, नोटिस के बाद हुई सफाई; अब नियमित संचालन पर सवाल

दैनिक रेवाँचल टाइम्स | खबर का असर

खबर और नोटिस का असर! मझियाखार में लंबे अरसे बाद खुला स्वच्छता परिसर का ताला, शुरू हुई साफ-सफाई

नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद, लेकिन नियमित संचालन और अधूरे निर्माण पर अब भी सवाल

खबर प्रकाशित बदहाली का मुद्दा उठाया
नोटिस जारी सरपंच-सचिव से जवाब मांगा
ताला खुला परिसर की सफाई कराई गई

दैनिक रेवाँचल टाइम्स | बजाग। नर्मदा नदी के तट पर स्थित ग्राम पंचायत मझियाखार के सामुदायिक स्वच्छता परिसर की बदहाल स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित होने और जनपद पंचायत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद आखिरकार पंचायत अमला हरकत में आया है। लंबे अरसे से बंद पड़े परिसर का ताला खोलकर साफ-सफाई कराई गई है। इससे नर्मदा नदी में स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छता सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।

हालांकि परिसर की सफाई शुरू होने के साथ ही एक नया सवाल भी खड़ा हो गया है। क्या अब स्वच्छता परिसर नियमित रूप से खोला जाएगा और उसकी सफाई होती रहेगी, या फिर नोटिस और संभावित कार्रवाई के दबाव में यह केवल एक बार की व्यवस्था बनकर रह जाएगी?

रेवाँचल ने उठाया था बदहाल स्वच्छता परिसर का मुद्दा

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मझियाखार में नर्मदा नदी के किनारे निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसर लंबे समय से बदहाली का शिकार था। परिसर पर ताला लगा रहने के कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था।

नर्मदा तट पर स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था।

दैनिक रेवाँचल टाइम्स ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए सार्वजनिक सुविधा के उपयोग में नहीं आने और पंचायत की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल उठाए थे।

खबर छपी, नोटिस जारी हुआ, फिर खुला ताला!

लंबे समय से बंद सामुदायिक स्वच्छता परिसर में आखिरकार सफाई शुरू हुई, लेकिन स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होना अभी बाकी है।

सरपंच और प्रभारी सचिव को जारी हुआ था नोटिस

स्वच्छता परिसर की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद जनपद पंचायत बजाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत मझियाखार की सरपंच बिंदो बाई बनवासी और प्रभारी सचिव धनिराम खांडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

नोटिस में स्वच्छता परिसर की स्थिति और निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के संबंध में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इसके बाद अब परिसर का ताला खोलकर साफ-सफाई कराए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि नोटिस पर संबंधित पदाधिकारियों द्वारा क्या लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया है, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

तीन दिन में जवाब और एक सप्ताह में निर्माण पूरा करने के थे निर्देश

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित इस सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण लगभग तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधूरा बताया गया था।

जनपद पंचायत द्वारा जारी नोटिस में संबंधित ग्राम पंचायत को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने और एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे।

इसके साथ ही निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और राशि वसूली की चेतावनी भी दी गई थी।

अब परिसर की साफ-सफाई तो कराई गई है, लेकिन निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हुआ है या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

नर्मदा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत?

मझियाखार स्थित नर्मदा तट पर ग्रामीणों के साथ श्रद्धालु भी स्नान, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे स्थान पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर का नियमित संचालन विशेष महत्व रखता है। शौचालय बंद रहने की स्थिति में महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

परिसर का ताला खुलना और सफाई होना सकारात्मक कदम है, लेकिन वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब शौचालय उपयोग के लिए तैयार हों, पानी की व्यवस्था उपलब्ध हो और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

अब इन सवालों का जवाब जरूरी

नियमित संचालन: क्या स्वच्छता परिसर अब प्रतिदिन खुला रहेगा?

सफाई की जिम्मेदारी: नियमित सफाई और रखरखाव किस कर्मचारी या संस्था को सौंपा गया है?

महिला शौचालय: महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधा कब तक पूरी तरह उपलब्ध होगी?

अधूरा निर्माण: नोटिस में दिए गए निर्देशों के अनुसार शेष कार्य पूरा हुआ या नहीं?

जवाबदेही: नोटिस पर सरपंच और प्रभारी सचिव ने क्या जवाब दिया और विभाग ने आगे क्या कार्रवाई की?

नियमित सफाई होगी या कार्रवाई के डर से केवल दिखावा?

सामुदायिक स्वच्छता परिसर की सफाई होने के बाद भी इसके भविष्य को लेकर सवाल बने हुए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चिंता सामने आ रही है कि कहीं नोटिस जारी होने के बाद की गई सफाई केवल तत्काल कार्रवाई दिखाने तक सीमित न रह जाए।

यदि परिसर को दोबारा बंद कर दिया गया या नियमित सफाई नहीं हुई, तो श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की पुरानी समस्या फिर सामने आ सकती है।

ऐसे में पंचायत प्रशासन के लिए जरूरी है कि स्वच्छता परिसर के संचालन की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक धन से निर्मित सुविधा का लाभ आम नागरिकों को लगातार मिलता रहे।

केवल ताला खोलना पर्याप्त नहीं, पूरी सुविधा शुरू होना जरूरी

स्वच्छता परिसर की सफाई होना एक आवश्यक शुरुआत है, लेकिन इससे संबंधित सभी समस्याओं का समाधान हो गया है, ऐसा मानना जल्दबाजी होगी।

निर्माण कार्य की पूर्णता, पानी की उपलब्धता, शौचालयों की उपयोगिता, महिलाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी जैसे बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

अब देखना होगा कि जनपद पंचायत बजाग और ग्राम पंचायत मझियाखार इस परिसर को पूरी तरह संचालित करने के लिए आगे क्या कदम उठाते हैं।

रेवाँचल ने उठाई आवाज, बंद परिसर का खुला ताला!

अब अगली परीक्षा नियमित सफाई, अधूरे निर्माण की पूर्णता और श्रद्धालुओं को स्थायी सुविधा उपलब्ध कराने की है।

वर्तमान स्थिति

खबर प्रकाशन और नोटिस के बाद परिसर का ताला खोलकर सफाई कराए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि नियमित संचालन शुरू होने, निर्माण पूर्ण होने और नोटिस पर अंतिम विभागीय कार्रवाई की पुष्टि अभी शेष है।

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