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नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्टेनोग्राफर भर्ती पर उठे सवाल, NSUI ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्टेनोग्राफर भर्ती पर उठे सवाल, NSUI ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

वर्ष 2012–13 की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग, चयन प्रक्रिया और आरक्षण रोस्टर पर उठाए सवाल

दैनिक रेवांचल टाइम्स | जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर में जूनियर स्टेनोग्राफर के पदों पर हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। संगठन के प्रदेश सचिव एजाज अंसारी और प्रतीक गौतम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर संबंधित नियुक्तियों की जांच कराने का आग्रह किया।



भर्ती प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों पर उठाए सवाल

ज्ञापन में वर्ष 2012–13 के दौरान जूनियर स्टेनोग्राफर पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। NSUI पदाधिकारियों ने भर्ती में निर्धारित नियमों, पात्रता मानदंडों, आरक्षण रोस्टर और चयन प्रक्रिया का पालन किए जाने की जांच कराने की मांग की है।

संगठन ने चयनित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक एवं अन्य निर्धारित योग्यताओं, प्रस्तुत प्रमाणपत्रों की वैधता तथा वेतनमान निर्धारण से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कराने पर जोर दिया है।

विज्ञापन क्रमांक 990 से जुड़े अभिलेखों की जांच की मांग

NSUI के प्रदेश सचिव एजाज अंसारी और प्रतीक गौतम ने कहा कि 19 जून 2013 को जारी विज्ञापन क्रमांक 990 के अंतर्गत हुई नियुक्तियों से संबंधित सभी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान नियुक्तियों की पात्रता, चयन प्रक्रिया और लागू नियमों की समीक्षा की जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधित नियुक्तियों की नियमानुसार समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

भर्ती में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी

संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत होनी चाहिए। किसी भी भर्ती को लेकर सवाल उठने पर संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच से न केवल स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सकेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर अनुराग शुक्ला, वकार राईन, अदील सैय्यद, समीर अंसारी, असदाक अनवर, युग ठाकुर, निखिल वंशकार, सोनू बर्मन, अंकित सूर्यवंशी, भोलू ठाकुर, अरुण बिल्थरे और अभिषेक कुर्मी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

फिलहाल, भर्ती में अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है। संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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