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डिंडौरी: वन सुरक्षा समिति की राशि में अनियमितता की आशंका, जांच की मांग लेकर वन मंडल कार्यालय पहुंचे ग्रामीण

डिंडौरी: वन सुरक्षा समिति की राशि में अनियमितता की आशंका, जांच की मांग लेकर वन मंडल कार्यालय पहुंचे ग्रामीण

जगतपुर के ग्रामीणों ने करंजिया रेंजर के खिलाफ जताई नाराजगी, कार्यों और भुगतान का हिसाब मांगा; दस दिनों में कार्रवाई का मिला आश्वासन

दैनिक रेवांचल टाइम्स, बजाग। डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत करंजिया क्षेत्र अंतर्गत वन ग्राम जगतपुर में वन सुरक्षा समिति के कार्यों और भुगतान की राशि को लेकर विवाद सामने आया है। कार्यों के नाम पर खर्च की गई राशि का हिसाब मांगते हुए ग्रामीण जिला वन मंडल कार्यालय पहुंचे और वन मंडलाधिकारी को शिकायत आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने करंजिया रेंजर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नाराजगी भी जताई।



ग्रामीणों का आरोप है कि वन सुरक्षा समिति के माध्यम से कराए गए कार्यों और उनके भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ स्थानों पर वास्तविक कार्यों की तुलना में अधिक राशि निकाली गई हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की कि स्वीकृत बजट, वास्तविक कार्य, खर्च और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए।

कार्य कितना हुआ और भुगतान कितना निकला, जांच की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग द्वारा जिन स्थानों पर कार्य कराए गए हैं, वहां भौतिक सत्यापन होना चाहिए। इसके साथ ही कार्यों की माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और अन्य वित्तीय अभिलेखों का मिलान कराया जाए।

उनका कहना है कि समिति के माध्यम से जितना कार्य कराया गया है, भुगतान भी उसी के अनुरूप होना चाहिए। यदि किसी कार्य में अधिक राशि निकाले जाने या भुगतान में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

करंजिया रेंजर पर भी लगाए आरोप

शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने करंजिया रेंजर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को निशाना बनाए जाने के कारण ग्रामीण अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखने में असहज महसूस करते हैं। इसी नाराजगी को लेकर ग्रामीणों ने रेंजर के खिलाफ नारेबाजी की।

हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित रेंजर का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है। आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने उठाया मामला

भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद दरकेश ने बताया कि जगतपुर के ग्रामीणों ने उन्हें वन सुरक्षा समिति के कार्यों और भुगतान संबंधी समस्याओं से अवगत कराया था। ग्रामीणों ने कार्यों की तुलना में अधिक राशि निकाले जाने की आशंका व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता जरूरी

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राजकुमार मोंगरे ने कहा कि वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों और उन पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए।

वहीं भाजपा मंडल के पूर्व महामंत्री जगदीश धुर्वे ने कहा कि समिति के कार्यों, स्वीकृत बजट और वास्तविक भुगतान का हिसाब सामने आना जरूरी है। इससे ग्रामीणों के बीच बना संशय दूर होगा और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जा सकेगा।

दस दिनों में कार्रवाई का आश्वासन

ग्रामीणों के अनुसार, वन मंडल कार्यालय में शिकायत सौंपने के बाद अधिकारियों की ओर से दस दिनों के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। अब ग्रामीणों को जांच शुरू होने और शिकायतों के निराकरण का इंतजार है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि वन सुरक्षा समिति से जुड़े सभी कार्यों का स्थल निरीक्षण कराया जाए। साथ ही माप पुस्तिका, स्वीकृत राशि, बिल-वाउचर और भुगतान अभिलेखों की जांच कराई जाए, ताकि सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल वन सुरक्षा समिति के कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता और करंजिया रेंजर पर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। संबंधित अधिकारी का पक्ष तथा अभिलेखों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि दस दिनों में कार्रवाई के आश्वासन के बाद वन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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