चलित पशु चिकित्सा इकाई बनी वरदान, मंडला में गाय का सफल सिजेरियन ऑपरेशन कर बचाई जान
मौके पर पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, ऑपरेशन के दौरान गर्भ से मृत बछड़े को निकाला; पशुपालक को मिली बड़ी राहत
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला
मंडला। पशुओं को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई जरूरतमंद पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। मंडला में इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण सामने आया है, जहां पॉलीक्लीनिक जिला पशु चिकित्सालय और चलित पशु चिकित्सा इकाई की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर एक गाय का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया।
गाय को प्रसव के दौरान गंभीर समस्या हो रही थी। चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शल्य चिकित्सा की। ऑपरेशन के दौरान गाय के गर्भ से मृत बछड़े को बाहर निकाला गया। चिकित्सकों की तत्परता और विशेषज्ञता से गाय की जान बचाने में सफलता मिली।
समय पर उपचार से बची गाय की जान
प्रसव संबंधी गंभीर समस्या के बीच चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर सिजेरियन ऑपरेशन किया और पशुपालक को बड़ी राहत पहुंचाई।
प्रसव में आई गंभीर परेशानी, मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पशुपालक उपाध्याय की गाय को प्रसव के दौरान गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति ऐसी थी कि सामान्य प्रसव संभव नहीं हो पा रहा था और तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की गई।
सूचना मिलने पर पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। गाय की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इसके बाद विशेषज्ञ टीम ने आवश्यक शल्य चिकित्सा प्रक्रिया पूरी करते हुए मृत बछड़े को बाहर निकाला और गाय की जान बचाई।
चार चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ ऑपरेशन
यह ऑपरेशन उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मंडला के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम द्वारा किया गया। टीम में पॉलीक्लीनिक जिला पशु चिकित्सालय मंडला और चलित पशु चिकित्सा इकाई के चिकित्सक शामिल रहे।
ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकीय टीम
डॉ. सुमित पटेल — सर्जरी विंग प्रभारी
डॉ. दुरपत मरावी — पॉलीक्लीनिक मंडला
डॉ. राहुल देव धार्य — चलित पशु चिकित्सा इकाई
डॉ. पीयूष झरिया — चलित पशु चिकित्सा इकाई
सभी चिकित्सकों ने आपसी समन्वय और विशेषज्ञता के साथ जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया। समय पर उपचार मिलने से पशुपालक को बड़ी राहत मिली।
आपातकाल में पशुपालकों के लिए सहारा बनी चलित चिकित्सा सेवा
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पशुओं को अचानक गंभीर बीमारी या प्रसव संबंधी जटिलता होने पर समय से चिकित्सकीय सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थितियों में चलित पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से पशुओं तक उपचार पहुंचाना पशुपालकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
मंडला में गाय का सफल सिजेरियन ऑपरेशन इस बात का उदाहरण है कि पशु चिकित्सालय और चलित चिकित्सा इकाई के बीच बेहतर समन्वय से आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
पशुधन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जिला मंडला द्वारा पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण, आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभागीय टीम द्वारा किया गया यह सफल ऑपरेशन पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, चिकित्सकीय दक्षता और समय पर सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाता है। साथ ही यह पशुपालकों के लिए उपलब्ध चलित पशु चिकित्सा सेवाओं की उपयोगिता को भी सामने लाता है।
पशुधन की सुरक्षा, पशुपालकों को राहत
मंडला में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तत्परता ने एक गाय की जान बचाकर आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा का महत्व उजागर किया।
