खेतों से बोरवेल की केबल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार
देहात पुलिस ने दो मामलों का किया खुलासा, 1.21 लाख रुपये की 1200 फीट केबल जब्त; साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से मिली सफलता
दैनिक रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा। जिले के देहात थाना क्षेत्र में किसानों के खेतों से बोरवेल की केबल तार चोरी होने की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कुल 1200 फीट केबल तार जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 21 हजार 100 रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों तक पहुंचने के लिए स्थानीय मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद ली गई। गिरफ्तार आरोपियों में दो व्यक्तियों के खिलाफ पूर्व में भी अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत की टीम ने केबल चोरी के मामलों की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की।
पहला मामला: गुरैया के खेतों से चोरी हुई केबल
ग्राम गुरैया निवासी रामकृपाल साहू (45 वर्ष) ने 17 अक्टूबर को देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 15 और 16 अक्टूबर की दरमियानी रात उनके खेत से लगभग 300 फीट बोरवेल केबल चोरी हो गई थी।
इसके अलावा पड़ोसी किसान मोहन प्रजापति, देवीसिंह चौरिया और तिलकराम प्रजापति के खेतों से भी कुल 415 फीट केबल चोरी होने की जानकारी दी गई। शिकायत में चोरी गई केबल की अनुमानित कीमत लगभग 55 हजार रुपये बताई गई।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
पोआमा के दो आरोपी पकड़े गए
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर पोआमा निवासी आकाश उइके और वीरेंद्र तेकाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में चोरी की घटना में उनकी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद दोनों के कब्जे से 450 फीट केबल तार जब्त की गई।
दूसरा मामला: गुरैया रिंग रोड के खेत से 800 फीट केबल चोरी
दूसरे प्रकरण में चारफाटक वार्ड क्रमांक 17 निवासी अंकुर शुक्ला (41 वर्ष) ने 18 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को गुरैया रिंग रोड स्थित उनके खेत से लगभग 800 फीट केबल और सिंचाई ड्रिप के 10 बंडल चोरी हो गए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेह के आधार पर कोटाखाड़ी, जुन्नारदेव निवासी बुधमान भारती और साजवा, अमरवाड़ा निवासी विनय सरेयाम को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों के कब्जे से 750 फीट केबल तार जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 66 हजार 100 रुपये है। चोरी हुए ड्रिप बंडलों की बरामदगी के संबंध में उपलब्ध पुलिस विवरण में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों का विवरण
आकाश उइके (29 वर्ष) — पिता निरपत उइके, निवासी पोआमा, थाना देहात। पुलिस के अनुसार, इनके खिलाफ पूर्व में शराब तस्करी का प्रकरण दर्ज है।
वीरेंद्र तेकाम (40 वर्ष) — पिता प्रेमसिंह तेकाम, निवासी पोआमा, थाना देहात।
बुधमान भारती (38 वर्ष) — पिता सुकमन भारती, निवासी कोटाखाड़ी, थाना जुन्नारदेव। पुलिस के अनुसार, इनके खिलाफ पूर्व में हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट से संबंधित प्रकरण दर्ज रहे हैं।
विनय सरेयाम (32 वर्ष) — पिता फूलसिंह सरेयाम, निवासी साजवा, थाना अमरवाड़ा।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषसिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। वर्तमान मामलों में भी आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
दोनों मामलों में कुल 1200 फीट केबल बरामद
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पहले प्रकरण में 450 फीट और दूसरे प्रकरण में 750 फीट केबल जब्त की गई है। इस प्रकार दोनों मामलों में कुल 1200 फीट केबल तार की बरामदगी हुई है, जिसकी संयुक्त अनुमानित कीमत ₹1,21,100 बताई गई है।
पुलिस की बरामदगी का विवरण
गुरैया क्षेत्र का प्रकरण — 450 फीट केबल
रिंग रोड क्षेत्र का प्रकरण — 750 फीट केबल
कुल बरामदगी — 1200 फीट | ₹1,21,100
पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक संदीप सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक अशोक रघुवंशी, आरक्षक सौरभ बघेल, सूरज सिंह चौहान और शेरसिंह रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके साथ ही साइबर सेल के प्रधान आरक्षक नितिन और आरक्षक आदित्य ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई में शामिल टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
खेतों में सिंचाई के लिए उपयोग होने वाली केबल चोरी होने से किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ कृषि कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन मामलों का खुलासा किसानों के लिए राहत की खबर है।
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