Breaking

revanchal times new

गौधुली वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को मिला सम्मान और अपनापन, शॉल-श्रीफल भेंट कर मनाया अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस | छिंदवाड़ा

गौधुली वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को मिला सम्मान और अपनापन, शॉल-श्रीफल भेंट कर मनाया वृद्धजन दिवस

कलेक्टर, महापौर और जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठजनों संग बिताया समय; कवियों की भावपूर्ण रचनाओं ने छुआ दिल

दैनिक रेवाँचल टाईम्स - छिंदवाड़ा। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को शहर के गौधुली वृद्धाश्रम में सम्मान, संवेदना और आत्मीयता से भरा वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिला प्रशासन तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए आयोजन में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और परिवार व समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों को शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान अतिथि बुजुर्गों के पास बैठे, उनका कुशलक्षेम जाना और उनके साथ आत्मीय संवाद करते हुए समय बिताया।

बुजुर्गों का अनुभव समाज की अमूल्य पूंजी : कलेक्टर

समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनके महत्व को याद करने का अवसर है। बुजुर्गों का अनुभव और ज्ञान ऐसी अमूल्य पूंजी है, जिससे नई पीढ़ी को जीवन का सही मार्ग मिल सकता है।

उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों को भरोसा दिलाया कि वे स्वयं को अकेला न समझें। उनकी देखरेख और आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रति प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाएगा और वृद्धाश्रम को भी वे अपने घर की तरह समझें।

माता-पिता का स्थान वृद्धाश्रम नहीं, परिवार के बीच होना चाहिए : शेषराव यादव

वरिष्ठ नेता शेषराव यादव ने कहा कि समाज को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि बुजुर्गों को जीवन के अंतिम पड़ाव में परिवार से दूर वृद्धाश्रम में क्यों रहना पड़ रहा है।

उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों की सेवा करने, उन्हें सम्मान देने तथा उनके साथ समय बिताने की अपील की।

वरिष्ठजन हमारे प्रेरणास्रोत : महापौर विक्रम अहके

महापौर विक्रम अहके ने कहा कि वरिष्ठजनों ने अपने जीवन में जो अनुभव अर्जित किया है, वह नई पीढ़ी के लिए सीख और मार्गदर्शन का स्रोत है। बुजुर्ग समाज और परिवार की ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति यही है कि वृद्धाश्रम की आवश्यकता ही न पड़े, लेकिन परिस्थितिवश यहां रहने वाले वरिष्ठजनों के सम्मान और देखभाल के लिए शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है।

कविताओं में छलका माता-पिता का प्रेम, भावुक हुए श्रोता

समारोह का एक भावपूर्ण पक्ष काव्य प्रस्तुतियां रहीं। छिंदवाड़ा सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे कवियों ने माता-पिता के त्याग, पारिवारिक रिश्तों, बुजुर्गों के सम्मान और बदलते सामाजिक परिवेश पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं।

कवियों की मर्मस्पर्शी पंक्तियों ने माहौल को भावुक कर दिया और वरिष्ठजनों के प्रति परिवार तथा समाज की जिम्मेदारियों का संदेश दिया।

शॉल-श्रीफल देकर वरिष्ठजनों का आत्मीय सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने वृद्धाश्रम के वरिष्ठजनों को शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल और पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया। औपचारिक सम्मान के साथ बुजुर्गों से व्यक्तिगत संवाद और उनके बीच बैठकर समय बिताना आयोजन का खास हिस्सा रहा।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में महापौर विक्रम अहके, शेषराव यादव, संजय पटेल, माइकल पहाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग एवं डिप्टी कलेक्टर पुष्पेंद्र निगम, नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार, कवि, शहर के नागरिक तथा वरिष्ठजन मौजूद रहे।

सम्मान केवल एक दिन का नहीं, संस्कार का हिस्सा बने

वृद्धजन दिवस का यह आयोजन उस सामाजिक जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है, जिसमें बुजुर्गों को केवल सहायता नहीं बल्कि सम्मान, संवाद और अपनापन चाहिए। जीवन भर परिवार और समाज को संवारने वाली पीढ़ी के अनुभवों को सहेजना और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन देना पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

दैनिक रेवाँचल टाईम्स
छिंदवाड़ा | अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस | गौधुली वृद्धाश्रम | वरिष्ठजन सम्मान

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new