सात गांवों में ‘आंगन मिलन सेवा’, माताओं को पोषण-स्वास्थ्य का संदेश; बच्चों संग हुईं गतिविधियां
स्वच्छता, टीकाकरण और बाल विकास पर किया जागरूक, आंगनवाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए किया प्रेरित
दैनिक रेवाँचल टाईम्स - पांढुर्णा। जिले में संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न ग्रामों में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ी माताओं, बच्चों और ग्रामीण महिलाओं ने सहभागिता की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में ग्राम पाटई, बड़चिचोली, भटेवाड़ी, ढोलनखापा, घोघरी, गोविंदपुर और देवखापा में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा बाल विकास से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
आंगन मिलन सेवा के दौरान माताओं एवं ग्रामीण महिलाओं को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और समुचित विकास से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
महिलाओं को बच्चों के दैनिक आहार में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन शामिल करने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और निर्धारित टीकाकरण पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में महिलाओं को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए बच्चों और माताओं से संबंधित योजनाओं एवं सुविधाओं का नियमित लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों की देखभाल में साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन और नियमित स्वास्थ्य निगरानी के महत्व को भी सरल तरीके से समझाया गया।
आंगन मिलन सेवा के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। माताओं और बच्चों के साथ विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेश दिए गए।
गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने के साथ माताओं को यह बताया गया कि शुरुआती उम्र में उचित पोषण, स्वच्छता और देखभाल बच्चे के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्राम पाटई, बड़चिचोली, भटेवाड़ी, ढोलनखापा, घोघरी, गोविंदपुर एवं देवखापा में आयोजित कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले ने सहभागिता की।
कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में माताएं, बच्चे और ग्रामीणजन भी शामिल हुए। इस दौरान स्थानीय स्तर पर महिलाओं से संवाद करते हुए बच्चों की देखभाल, पोषणयुक्त भोजन और स्वच्छता संबंधी व्यवहार पर चर्चा की गई।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में “हर आंगनवाड़ी केंद्र बनेगा पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र” की भावना के साथ माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं सर्वांगीण विकास के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया।
आयोजन का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्र और परिवार के बीच संवाद को मजबूत करते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शुरुआती विकास के प्रति समुदाय की भागीदारी बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में माताओं को बच्चों की नियमित देखभाल के साथ आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित किया गया।
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