छिंदवाड़ा की उमरानाला पुलिस चौकी को मिला ISO प्रमाणन, जिले में बनी पहली प्रमाणित चौकी
पारदर्शी कार्यप्रणाली, व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और जनसेवा के लिए गुणवत्ता प्रबंधन मानकों के अंतर्गत मिली मान्यता।
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। थाना मोहखेड़ के अंतर्गत आने वाली उमरानाला पुलिस चौकी को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रमाणन प्राप्त हुआ है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि हासिल करने वाली उमरानाला जिले की पहली और एकमात्र पुलिस चौकी बन गई है।
इस प्रमाणन को चौकी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, दस्तावेजों के व्यवस्थित रखरखाव, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था, जनसेवा, स्वच्छता और अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस उपलब्धि पर चौकी परिसर में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चौकी प्रभारी और कर्मचारियों को सम्मानित किया।
- जिला: छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश
- थाना क्षेत्र: मोहखेड़
- पुलिस चौकी: उमरानाला
- प्रमाणन: ISO 9001:2015
- विशेष उपलब्धि: जिले की पहली ISO प्रमाणित पुलिस चौकी होने का दावा
- पुलिस अधीक्षक: अजय पांडे
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: आशीष खरे
- चौकी प्रभारी: उप निरीक्षक राजेश साहू
ISO 9001:2015 प्रमाणन कैसे मिला?
पुलिस प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उमरानाला चौकी की विभिन्न प्रशासनिक और जनसेवा संबंधी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया। इनमें दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया, स्वच्छता, अनुशासन और गुणवत्ता प्रबंधन व्यवस्था जैसे पहलू शामिल रहे।
इन प्रक्रियाओं को ISO 9001:2015 के गुणवत्ता प्रबंधन मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद चौकी को प्रमाणन प्रदान किया गया।
ISO 9001:2015 एक अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का मानक है। इसके अंतर्गत किसी संस्था की प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण, सेवा प्रबंधन और निरंतर सुधार की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाता है। यह प्रमाणन संस्था की प्रबंधन प्रणाली से संबंधित होता है, न कि उसके प्रत्येक कार्य या परिणाम की अलग-अलग गारंटी।
चौकी परिसर में सम्मान समारोह, एसपी ने सौंपा प्रमाण पत्र
उमरानाला पुलिस चौकी को मिली इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में चौकी परिसर में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे उपस्थित रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने ISO प्रमाण पत्र का विधिवत अनावरण किया और चौकी की टीम को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया।
समारोह में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राजेश साहू सहित चौकी के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में मौजूद रहे जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी, कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- अभिषेक चौधरी — नगर पुलिस अधीक्षक
- सुनील बरकड़े — उप पुलिस अधीक्षक
- हर्ष राज यादव — रक्षित निरीक्षक
- संदीप सुनेश — थाना प्रभारी, यातायात
- आशीष धुर्वे — थाना प्रभारी, कोतवाली
- महेंद्र भगत — थाना प्रभारी, कुंडीपुरा
- गोविंद सिंह राजपूत — थाना प्रभारी, देहात
- डी.एस. शेंडे — पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी
इनके अतिरिक्त बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रेस तथा मीडिया के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अन्य थानों और चौकियों को भी बनाया जाएगा आदर्श
पुलिस प्रशासन ने उमरानाला चौकी को मिले प्रमाणन को जिले की पुलिस व्यवस्था में गुणवत्ता प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रशासन की योजना है कि उमरानाला चौकी में अपनाई गई व्यवस्थाओं को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि जिले के अन्य थानों और पुलिस चौकियों में भी इसी प्रकार की प्रक्रियाएं लागू की जा सकें।
इसके अंतर्गत प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता, शिकायतों के निवारण की बेहतर व्यवस्था, दस्तावेजों का सुव्यवस्थित रखरखाव और नागरिकों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की बात कही गई है।
आम नागरिकों के लिए क्या होगा महत्व?
किसी पुलिस चौकी में गुणवत्ता प्रबंधन की सुव्यवस्थित व्यवस्था होने से शिकायतों के रिकॉर्ड, प्रक्रियाओं की निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि इसका वास्तविक लाभ नागरिकों तक किस स्तर पर पहुंचता है, यह शिकायत निवारण की गति, सेवाओं की उपलब्धता और व्यवस्था के निरंतर पालन पर निर्भर करेगा।
उमरानाला चौकी का अनुभव जिले की अन्य पुलिस इकाइयों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है।
उमरानाला पुलिस चौकी को ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रमाणन मिलने के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने इसे अन्य थानों और चौकियों के लिए मॉडल बनाने की दिशा में काम करने की बात कही है। चौकी प्रभारी राजेश साहू और पुलिस टीम को सम्मानित किया गया। अब इस व्यवस्था का विस्तार और निरंतर पालन महत्वपूर्ण होगा।
