बालिका छू सकती है आसमान, जब समाज से मिले पूरा सम्मान
माल्हनवाड़ा हाई स्कूल में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, बाल विवाह रोकथाम और बेटियों के अधिकारों के संरक्षण का दिया संदेश
दैनिक रेवांचल टाइम्स, छिंदवाड़ा। बेटियों को बचपन जीने, शिक्षा प्राप्त करने, सपने देखने और अपने भविष्य का निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ग्राम माल्हनवाड़ा स्थित हाई स्कूल में जन-जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकारों, बाल संरक्षण और बाल विवाह रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिला समन्वयक अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में 'सेवा से संकल्प' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में बाल विवाह समाप्त करने और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता, बेटियों के अधिकारों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को बताया गया कि शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन प्रत्येक बेटी का अधिकार है। कम उम्र में विवाह से बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर छात्राओं को बाल विवाह रोकथाम और बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उनके अधिकारों की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।
सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान पर साक्षी और निखिल सम्मानित
जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने वाले बीएसडब्ल्यू प्रथम वर्ष के साक्षी धुर्वे और निखिल दखने को प्रतीक चिह्न (मेमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इन विद्यार्थियों ने लाडो अभियान, साइबर अपराध जागरूकता, शिक्षा प्रसार, नशामुक्ति, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान तथा प्लास्टिक कचरा संग्रहण जैसी गतिविधियों में योगदान दिया। उनके प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
10 किशोरी बालिकाओं को भेंट की गईं ज्ञानवर्धक पुस्तकें
कार्यक्रम में 10 किशोरी बालिकाओं को बाल संरक्षण, उनके कानूनी अधिकारों और बाल विवाह रोकथाम से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकें प्रदान की गईं। इसका उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
बेटियों को जागरूक करना सराहनीय पहल : प्राचार्य राजेंद्र तिवारी
विद्यालय के प्राचार्य राजेंद्र तिवारी ने कहा कि बालिकाओं को बाल संरक्षण से संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। इससे छात्राओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अधिक सशक्त बन सकेंगी।
डॉ. अंकुश साहू ने कहा कि विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने वाले ऐसे सम्मान समारोह अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणादायक साबित होंगे। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ वितरित की गईं आयुर्वेदिक मल्टीविटामिन टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेदिक मल्टीविटामिन टैबलेट भी वितरित किए जाने की जानकारी आयोजकों ने दी। कार्यक्रम में बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की रही सहभागिता
इस अवसर पर परामर्शदाता श्यामल राव, प्राचार्य राजेंद्र तिवारी, डॉ. अंकुश साहू, उर्मिला माहोरे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता धुर्वे, शिक्षक राजेंद्र कुकडे तथा शिवकुमारी वर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि शिक्षा, समान अवसर, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। परिवार और समाज का सहयोग मिले तो बालिकाएं अपनी प्रतिभा से नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
बेटियों को मिले अधिकार और सम्मान, तभी साकार होगा सशक्त समाज का निर्माण!
