साइबर ठगी से सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव, किसी अनजान व्यक्ति को OTP और पासवर्ड न दें: टीआई कंचन राजपूत
शासकीय एम.एल.बी. स्कूल में साइबर सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को बताए ऑनलाइन अपराधों से बचने के उपाय
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। डिजिटल लेनदेन, इंटरनेट और स्मार्टफोन का बढ़ता उपयोग जहां लोगों के जीवन को आसान बना रहा है, वहीं साइबर ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी, जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक हो गया है।
इसी उद्देश्य को लेकर स्थानीय शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई (एम.एल.बी.) कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में साइबर सुरक्षा, साइबर ठगी से बचाव और यातायात जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सेवा संकल्प वेलफेयर सोसाइटी छिंदवाड़ा, नवांकुर संस्था मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं जिला पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को डिजिटल अपराधों से बचाव के साथ सड़क सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना OTP, बैंक पासवर्ड, UPI PIN या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। संदिग्ध फोन कॉल, लिंक और ऑनलाइन संदेशों से सावधान रहें।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के बताए तरीके
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित साइबर सेल प्रभारी टीआई श्रीमती कंचन राजपूत एवं साइबर एक्सपर्ट चंद्रवंशी ने छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने, फिशिंग लिंक भेजने, फर्जी लोन ऐप, रोमांस फ्रॉड, कार्ड क्लोनिंग, फर्जी कस्टमर केयर, केवाईसी अपडेट और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर धोखाधड़ी जैसे अनेक तरीके अपनाते हैं।
वक्ताओं के अनुसार साइबर अपराधी लोगों को भ्रमित करके उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर जल्दबाजी में भरोसा नहीं करना चाहिए।
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे मांगना
- फर्जी लिंक भेजकर बैंक संबंधी जानकारी चुराना
- नकली लोन ऐप और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड
- फर्जी कस्टमर केयर नंबर से धोखाधड़ी
- केवाईसी अपडेट के बहाने गोपनीय जानकारी लेना
- OTP, पासवर्ड और UPI PIN हासिल करने का प्रयास
टीआई कंचन राजपूत ने छात्राओं को समझाया कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनजान व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी।
यातायात नियमों का पालन करने से टल सकती हैं दुर्घटनाएं
कार्यक्रम में यातायात विभाग से पहुंचे अर्जुन सिंह बघेल एवं आनंद रघुवंशी ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी।
अर्जुन सिंह बघेल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है। दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि यातायात नियमों की अनदेखी न केवल वाहन चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन सकती है। इसलिए सड़क पर जिम्मेदारी और सावधानी के साथ चलना चाहिए।
हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। सुरक्षित यातायात के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
जागरूक समाज के निर्माण में सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका: विनोद तिवारी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ समाजसेवी विनोद तिवारी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और यातायात जागरूकता समाज की प्राथमिक आवश्यकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सेवा संकल्प वेलफेयर सोसाइटी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए ऐसी सामाजिक पहलों को सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में अधिकारियों, शिक्षकों और समाजसेवियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के संयोजक संदीप अग्निहोत्री रहे। इस अवसर पर एम.एल.बी. स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अलका श्रीवास्तव, संस्था उपाध्यक्ष सुश्री आराधना शुक्ला, प्रवक्ता डॉ. डी.एस. चौरे, विधि सलाहकार मुकेश दीक्षित, एन.एस.एस. प्रभारी श्रीमती निहारिका शिवकर, विजय बहादुर वर्मा, डॉ. पवन नेमा और आयशा लोधी सहित विद्यालय परिवार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
डॉ. चंद्रकांत विश्वकर्मा ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के समापन पर सेवा संकल्प वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत विश्वकर्मा ने मुख्य अतिथि विनोद तिवारी, साइबर सेल प्रभारी टीआई कंचन राजपूत, साइबर एक्सपर्ट चंद्रवंशी, यातायात प्रभारी संदीप सुनेश, प्राचार्या अलका श्रीवास्तव एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बैंक खाते या कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी होने पर तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करें।
