Breaking

revanchal times new

नर्मदा प्रगति पथ के साथ नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की मांग, मंडला को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

दैनिक रेवाँचल टाईम्स

नर्मदा प्रगति पथ के साथ नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की मांग, मंडला को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | मंडला, मध्य प्रदेश

नर्मदा प्रगति पथ के साथ नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की मांग, मंडला को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे की चर्चा के बीच नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर को भी आगे बढ़ाने की मांग उठ रही है। मांग है कि सड़क संपर्क के विस्तार के साथ रेल नेटवर्क को भी मजबूत किया जाए, ताकि मंडला सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

नई रेल लाइन के लिए पेंड्रा रोड–अमरकंटक–डिंडौरी–मंडला–घंसौर–लखनादौन–गोटेगांव–श्रीधाम मार्ग प्रस्तावित है। इससे मंडला और आसपास के क्षेत्रों को अतिरिक्त रेल संपर्क मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, प्रस्तावित रेल मार्ग की वर्तमान स्वीकृति और सर्वे की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

नर्मदा प्रगति पथ के आंकड़ों की पुष्टि जरूरी

प्रस्तावित नर्मदा प्रगति पथ का उद्देश्य मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करना तथा व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को बढ़ावा देना है। उपलब्ध प्रस्ताव संबंधी विवरणों में इसकी लंबाई लगभग 906 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 31,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन आंकड़ों, अंतिम मार्ग और परियोजना की स्वीकृति की स्थिति पर आधिकारिक स्पष्टता आवश्यक है।

रेल कॉरिडोर से क्षेत्र को क्या उम्मीदें?

नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की मांग क्षेत्र में यात्री सुविधाओं के साथ कृषि उत्पादों के परिवहन, स्थानीय व्यापार और पर्यटन की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठ रही है। बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है। अमरकंटक, नर्मदा क्षेत्र और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में भी रेल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

मंडला और आसपास के आदिवासी अंचलों में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग लंबे समय से उठती रही है। नई रेल लाइन का प्रस्ताव आगे बढ़ने से क्षेत्रीय आवागमन बेहतर होने और आर्थिक अवसरों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।

सर्वे, स्वीकृति और बजट पर स्पष्टता की मांग

सवाल है कि नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS), विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, आवश्यक स्वीकृतियों और बजट संबंधी प्रक्रिया को कब तक आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना की वर्तमान स्थिति, सर्वे की प्रगति और आगे की समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

प्रमुख मांगें

  • पेंड्रा रोड से श्रीधाम तक प्रस्तावित नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए।
  • फाइनल लोकेशन सर्वे और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को नियमानुसार गति दी जाए।
  • आवश्यक बजट और स्वीकृतियों के लिए ठोस पहल की जाए।
  • मंडला सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों की यात्री, व्यापारिक और पर्यटन संबंधी जरूरतों को रेल नियोजन में शामिल किया जाए।

सड़क और रेल, दोनों परियोजनाओं को गति देने की जरूरत

मध्य प्रदेश के संतुलित विकास के लिए सड़क और रेल परियोजनाओं को एक-दूसरे का पूरक बनाने की जरूरत है। नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे के साथ नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता देने से मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में पहल हो सकती है।

अब जरूरत है कि संबंधित सरकारें और रेलवे इस प्रस्ताव की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें तथा व्यवहार्यता, वित्तीय संसाधनों और स्वीकृतियों के आधार पर आगे की कार्ययोजना सामने लाएं।

महत्वपूर्ण नोट: नर्मदा प्रगति पथ की लंबाई, लागत और अंतिम मार्ग तथा नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर की वर्तमान स्वीकृति एवं सर्वे स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि होने तक प्रस्तावित रेल मार्ग को स्वीकृत या निर्माणाधीन परियोजना नहीं माना जाना चाहिए।

दैनिक रेवाँचल टाईम्स

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new