सेवा संकल्प शिविर में दोपहर तक खाली रहीं कुर्सियां, प्रचार-प्रसार पर सवाल; 100 से ज्यादा आवेदन पहुंचे
परडिया डोंगरी में देर से शुरू हुआ विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम; कम उपस्थिति पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, कई आवेदनों का मौके पर निराकरण
दैनिक रेवांचल टाइम्स, बजाग। पात्र हितग्राहियों तक केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम परडिया डोंगरी के उत्कृष्ट मैदान में आयोजित सेवा संकल्प अभियान, सेवा सेतु अभियान एवं सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में शनिवार को शुरुआती घंटों में ग्रामीणों की उपस्थिति बेहद कम दिखाई दी।
कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होना प्रस्तावित था, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे तक पंडाल में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली रहीं। मौके पर गिने-चुने ग्रामीण हितग्राही नजर आए, जबकि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी अपेक्षाकृत अधिक संख्या में मौजूद थे। कम उपस्थिति के कारण कार्यक्रम भी निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ।
शिविर में ग्रामीणों की कम मौजूदगी को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब ऐसे शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है, तो इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत और पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना जरूरी है।
दोपहर बाद बढ़ी ग्रामीणों की संख्या
दोपहर बाद शिविर में ग्रामीणों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी हुई। विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर लोगों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं से जुड़े आवेदन जमा किए। अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की जांच कर कई मामलों में मौके पर ही निराकरण की कार्रवाई की।
शिविर में सौ से अधिक आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई। इनमें विभिन्न विभागों से संबंधित कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
स्वामित्व योजना पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने स्वामित्व योजना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आबादी भूमि पर लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को योजना का लाभ दिया जाना है, ऐसे में बड़ी संख्या में संभावित हितग्राहियों की अनुपस्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने तहसीलदार और जनपद पंचायत के अधिकारियों से पूछा कि यदि बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभ दिया जाना है तो वे शिविर में दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं और कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता कमलेश पटेरिया ने कहा कि दोपहर डेढ़ से दो बजे तक शिविर में बहुत कम ग्रामीण हितग्राही मौजूद थे और अधिकांश कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से कुछ हितग्राही भी आते तो शिविर में अच्छी उपस्थिति हो सकती थी।
“जब लोग ही शिविर तक नहीं पहुंचेंगे तो उनकी समस्याओं का निराकरण कैसे होगा। शासन की योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
— कमलेश पटेरिया, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता
कांग्रेस जनपद सदस्य ने भी प्रशासन पर उठाए सवाल
जनपद सदस्य एवं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश पटेरिया ने भी शिविरों की उपयोगिता और समस्याओं के निराकरण की गति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिविर आयोजित होने के बावजूद यदि लोगों की समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान नहीं होता तो ग्रामीणों का भरोसा कम होता है।
“लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन यदि आवेदनों का समय पर समाधान नहीं होगा तो लोगों का मोहभंग होना स्वाभाविक है। प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंचों की भागीदारी क्यों नहीं हो रही।”
— लोकेश पटेरिया, जनपद सदस्य एवं ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
शिविर में संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, तहसीलदार देवेंद्र सिंगौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सचिन अग्रवाल, बीईओ बलवीर मरावी, बीआरसी ब्रजभान गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, जनपद अध्यक्ष फूलकली बाई, उपाध्यक्ष राधेश्याम कुशराम, जनपद सदस्य लोकेश पटेरिया, मंडल अध्यक्ष सुशील यादव, कमलेश पटेरिया, नीरज मुजवार, राजेंद्र दुबे, प्रमोद साहू, ओमप्रकाश साहू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन बीआरसी ब्रजभान सिंह गौतम ने किया।
शिविर में आवेदन आने और कई मामलों का मौके पर निराकरण होना इसका सकारात्मक पक्ष रहा, लेकिन शुरुआती घंटों में खाली पड़ी कुर्सियों ने यह सवाल जरूर खड़ा किया कि सरकारी शिविरों की जानकारी वास्तविक हितग्राहियों तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंच रही है।
यदि प्रत्येक ग्राम पंचायत से पात्र हितग्राहियों तक समय पर सूचना पहुंचे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो, तो ऐसे शिविरों का उद्देश्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।
