श्री गुरुद्वारा साहिब में सिंधी समाज की महिलाओं ने किया सामूहिक महालक्ष्मी पूजन
16 धागों से बने सगड़े का विशेष महत्व, पारंपरिक व्यंजनों का लगाया भोग; परिवार की सुख-समृद्धि की कामना
दैनिक रेवाँचल टाईम्स, मंडला। जिले के अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में सिंधी समाज की महिलाओं ने श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सामूहिक रूप से महालक्ष्मी पूजन किया। महिलाओं ने मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की।
सामाजिक पुरोहित साक्षी रानूनाथ शर्मा ने बताया कि महालक्ष्मी व्रत में 16 धागों से तैयार किए जाने वाले सगड़े का विशेष महत्व है। इन धागों को हल्दी से रंगकर उनमें 16 गांठें बांधी जाती हैं।
परंपरा के अनुसार महालक्ष्मी व्रत के 16 दिन पहले परिवार के प्रत्येक सदस्य के हाथ में यह सगड़ा बांधा जाता है। पूजन के दिन विधि-विधान से मां महालक्ष्मी की आराधना कर परिवार की उन्नति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
पारंपरिक व्यंजनों का लगाया भोग
महालक्ष्मी पूजन के अवसर पर महिलाओं ने खीर, हलवा, सेवइयां, मीठी रोटी, टिक्की और सतपुड़ा सहित कई प्रकार के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। इन व्यंजनों का मां महालक्ष्मी को भोग अर्पित किया गया।
सामूहिक पूजन के दौरान महिलाओं ने महालक्ष्मी व्रत और पूजन से जुड़ी धार्मिक कथा का श्रवण किया। भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना
महिलाओं ने मां लक्ष्मी से परिवार में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। धार्मिक परंपराओं के साथ आयोजित इस सामूहिक पूजन ने समाज की महिलाओं को एक साथ जुड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी दिया।
पूजन के बाद सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और प्रसाद ग्रहण किया। महालक्ष्मी पूजन सिंधी समाज की महिलाओं के लिए आस्था, परंपरा और पारिवारिक समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन रहा।
