पेंचवैली एक्सप्रेस को मंडला फोर्ट से शुरू करने की मांग तेज, युवाओं ने कहा—अब आश्वासन नहीं, चाहिए रेल सुविधा
‘Voice Of Mandla’ की ऑनलाइन बैठक में बनी रणनीति, मांग पर जल्द ठोस कदम नहीं उठे तो मंडला फोर्ट से व्यापक जन-आंदोलन की चेतावनी
तकनीकी एवं आर्थिक औचित्य के साथ रेलवे को सौंपेंगे ज्ञापन, जनप्रतिनिधियों के जरिए रेलवे बोर्ड तक पहुंचाई जाएगी आवाज
रेल सुविधाओं में मंडला की उपेक्षा पर युवाओं ने जताई नाराजगी
बैठक में वक्ताओं ने मंडला क्षेत्र में रेल सुविधाओं की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जिले के यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के लिए आज भी सड़क परिवहन और दूसरे रेलवे स्टेशनों पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ता है।
समूह के सदस्यों ने कहा कि बस किराए में बढ़ोतरी के कारण विशेष रूप से गरीब परिवारों, विद्यार्थियों, युवाओं और नियमित यात्रा करने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। पेंचवैली एक्सप्रेस का मंडला फोर्ट तक विस्तार होने से यात्रियों को अपेक्षाकृत सस्ती और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकती है।
बैठक में युवाओं ने कहा कि रेल सुविधा की मांग को अब केवल पत्राचार तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यदि रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जन-आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई जाएगी।
‘युवा के नाम की राजनीति नहीं, जमीन पर काम करने वाला नेतृत्व चाहिए’
बैठक में युवा टीम ने जनप्रतिनिधियों को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। सदस्यों ने कहा कि उन्हें केवल युवाओं के नाम पर राजनीति करने वाला नेतृत्व नहीं, बल्कि क्षेत्र के हित और गरीब जनता के अधिकारों के लिए धरातल पर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों की जरूरत है।
सदस्यों का कहना था कि रेल सुविधा किसी एक संगठन या वर्ग की मांग नहीं, बल्कि जिले के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों और आम यात्रियों से जुड़ी आवश्यकता है। इसलिए इस मुद्दे को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
रेलवे को तकनीकी और आर्थिक औचित्य के साथ देंगे प्रस्ताव
बैठक में निर्णय लिया गया कि पेंचवैली एक्सप्रेस के मंडला फोर्ट तक विस्तार के पक्ष में यात्रियों की आवश्यकता, संभावित यात्री संख्या और क्षेत्रीय उपयोगिता सहित तकनीकी एवं आर्थिक औचित्य तैयार कर रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय को औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जनप्रतिनिधियों से पूछा जाएगा—रेलवे बोर्ड तक कब पहुंचेगी मंडला की आवाज?
समूह ने तय किया कि स्थानीय एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर पेंचवैली एक्सप्रेस की मांग रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के समक्ष मजबूती से उठाने का आग्रह किया जाएगा। युवाओं का कहना है कि अब इस विषय पर केवल आश्वासन के बजाय ठोस पहल और प्रगति की जानकारी सामने आनी चाहिए।
बैठक में जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। अभियान के माध्यम से बस किराए के आर्थिक बोझ और मंडला में बेहतर रेल सुविधा की आवश्यकता को आम लोगों तक पहुंचाकर उन्हें मुहिम से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
मंडला से बेंगलुरु तक जुड़े युवा, ऑनलाइन बैठक में बनी रणनीति
बैठक में नितिन सोलंकी (बेंगलुरु), अखिलेश सोनी, रंजीत कछवाहा, अभिराज सोनवानी, पी.डी. खैरवार, राहुल श्रीवास सहित मंडला के सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा पंकज सोनी (नैनपुर), महाराज जी (बमनी बंजर), अनुज नामदेव (डिंडोरी) और विनोद कुमार (महाराजपुर) सहित कई क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बैठक में हिस्सा लिया।
पहला— तकनीकी एवं आर्थिक आधार के साथ रेलवे प्रशासन को औपचारिक ज्ञापन।
दूसरा— क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के जरिए मांग को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाना।
तीसरा— ग्रामीणों, युवाओं और यात्रियों को जोड़कर जन-जागरण अभियान चलाना।
चौथा— ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में लोकतांत्रिक जन-आंदोलन की तैयारी।
अब सवालक्या मंडला फोर्ट तक आएगी पेंचवैली एक्सप्रेस?
‘Voice Of Mandla’ की बैठक के बाद रेल सुविधा का यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अब युवाओं की नजर रेलवे प्रशासन, रेल मंत्रालय और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के रुख पर रहेगी। संगठन का कहना है कि मांग पर जल्द ठोस निर्णय नहीं होने पर आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
युवाओं का संदेश साफ है कि पेंचवैली एक्सप्रेस के विस्तार की मांग को अब तकनीकी तथ्यों, जनसमर्थन और जनप्रतिनिधियों पर लोकतांत्रिक दबाव के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मांग पूरी नहीं होने पर मंडला फोर्ट से जन-आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।

