प्रेम संबंध को लेकर परेशान युवक की मौत, आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो
कीटनाशक सेवन के बाद जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती; परिजनों का आरोप—रेफर होने के बावजूद समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस
मंडला। सिटी कोतवाली क्षेत्र के सीताराम वार्ड निवासी एक युवक की कथित तौर पर आत्महत्या के प्रयास के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने घटना से पहले अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। पुलिस अब वीडियो, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
घटना से पहले मोबाइल में बनाया वीडियो
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार युवक एक युवती के साथ संबंध को लेकर पिछले कुछ समय से परेशान था। इसी दौरान उसने मोबाइल फोन में एक वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
गंभीर हालत में किया रेफर, एम्बुलेंस को लेकर परिजनों का आरोप
जिला चिकित्सालय में युवक की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों द्वारा उसे उच्च उपचार के लिए रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण उसे तत्काल दूसरे चिकित्सा संस्थान नहीं ले जाया जा सका। बाद में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई।
यदि मरीज को रेफर किया गया था तो रेफरल का समय क्या था, एम्बुलेंस के लिए कब संपर्क किया गया और वाहन उपलब्ध होने में कितना समय लगा—इन तथ्यों की पुष्टि अस्पताल और एम्बुलेंस सेवा के रिकॉर्ड से हो सकती है। समय पर रेफरल से परिणाम अलग होता या नहीं, इसका निष्कर्ष चिकित्सकीय जांच के बिना नहीं निकाला जा सकता।
मोबाइल वीडियो और मेडिकल रिकॉर्ड से स्पष्ट हो सकती है स्थिति
मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट करने के लिए युवक द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो, मोबाइल फोन, अस्पताल के उपचार एवं रेफरल रिकॉर्ड, एम्बुलेंस कॉल रिकॉर्ड और परिजनों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।
वहीं परिजनों द्वारा लगाए गए एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के आरोप की भी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच कराए जाने की आवश्यकता है। फिलहाल किसी व्यक्ति को युवक की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
