आखिर जनता कब तक सहेगी महंगाई की मार? मंडला की रेल उपेक्षा ने 35 के सफर को बनाया 280 का
नैनपुर जंक्शन पर ट्रेनों की टाइमिंग में तालमेल नहीं होने का यात्रियों का आरोप; सिवनी-छिंदवाड़ा की कनेक्टिविटी प्रभावित, पातालकोट एक्सप्रेस का लिंक भी बना बड़ी परेशानी
टाइमिंग का पेच: नैनपुर पहुंचने से पहले ही निकल जाती है दूसरी ट्रेन
यात्रियों के अनुसार मंडला फोर्ट से सुबह 05:10 बजे चलने वाली गाड़ी संख्या 51704 मंडला फोर्ट-जबलपुर पैसेंजर करीब 06:30 बजे नैनपुर जंक्शन पहुंचती है। वहीं उनके अनुसार नैनपुर से छिंदवाड़ा की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 58826 सुबह 05:00 बजे ही रवाना हो जाती है।
इसी समय-अंतर को यात्रियों की परेशानी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। उनका कहना है कि मंडला से नैनपुर पहुंचने तक छिंदवाड़ा की ट्रेन निकल चुकी होती है, जिससे सीधी कनेक्टिविटी का लाभ नहीं मिल पाता।
यदि मंडला से आने वाली ट्रेन नैनपुर सुबह 6:30 बजे पहुंचती है, तो छिंदवाड़ा की ट्रेन उससे पहले सुबह 5 बजे रवाना होने पर मंडला क्षेत्र के यात्रियों को कनेक्टिविटी आखिर कैसे मिलेगी?
पातालकोट एक्सप्रेस का लिंक भी प्रभावित होने की शिकायत
यात्रियों का कहना है कि समस्या केवल सिवनी और छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं रहती। छिंदवाड़ा के रास्ते आगे जाने वाले यात्रियों के लिए पातालकोट एक्सप्रेस (20423) जैसी ट्रेन का कनेक्शन भी महत्वपूर्ण है। सुविधाजनक लिंक नहीं मिलने पर भोपाल और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों, खासकर मरीजों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है।
₹35 की ट्रेन बनाम ₹280 की बस: जेब पर आठ गुना बोझ
स्थानीय यात्रियों के अनुसार मंडला से सिवनी अथवा छिंदवाड़ा की ओर रेल से सफर करीब ₹35 में हो सकता है, जबकि रेल कनेक्शन नहीं मिलने पर निजी बस से लगभग ₹280 खर्च करना पड़ता है। इस हिसाब से बस यात्रा का आर्थिक बोझ करीब आठ गुना तक पहुंच जाता है।
यात्रियों की पीड़ा: “गरीब और मध्यम वर्ग के लिए ट्रेन ही सस्ता साधन”
गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए ट्रेन सबसे किफायती साधन है। उनका कहना है कि समय-सारणी का तालमेल नहीं होने के कारण उन्हें बस का कई गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है। इससे मरीजों और विद्यार्थियों को भी परेशानी होती है।
मंडला और बम्हनी क्षेत्र के मजदूर तथा दैनिक यात्री इस समस्या से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि महंगे बस किराए के साथ लंबा इंतजार भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहा है।
रेल एक्टिविस्ट ने मांगा समय में बदलाव, रेलवे ने नहीं माना प्रस्ताव
स्वतंत्र रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी द्वारा पत्र के माध्यम से गाड़ी संख्या 58826 का प्रस्थान समय सुबह 05:00 बजे के बजाय करीब 06:40 अथवा 06:45 बजे करने की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रस्ताव का उद्देश्य मंडला से नैनपुर पहुंचने वाले यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए कुछ समय उपलब्ध कराना बताया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर स्तर से इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया। रेलवे की ओर से समय परिवर्तन से अन्य दैनिक यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के समय-पालन पर प्रभाव पड़ने का तर्क दिए जाने की बात सामने आई है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे के परिचालन संबंधी अपने तकनीकी कारण हो सकते हैं, लेकिन मंडला जैसे आदिवासी बहुल जिले के यात्रियों की व्यावहारिक जरूरतों का भी अध्ययन होना चाहिए। यदि प्रस्तावित समय परिवर्तन संभव नहीं है तो ऐसा वैकल्पिक समाधान खोजा जाए जिससे मंडला-नैनपुर-सिवनी-छिंदवाड़ा के बीच उपयोगी कनेक्टिविटी मिल सके।
सांसद और रेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय यात्रियों ने क्षेत्रीय सांसद, रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि केवल एक ट्रेन का समय बदलने के प्रस्ताव तक मामले को सीमित रखने के बजाय मंडला फोर्ट-नैनपुर-सिवनी-छिंदवाड़ा रेल कॉरिडोर की पूरी कनेक्टिंग समय-सारणी की व्यावहारिक समीक्षा की जाए।
सवाल सिर्फ ट्रेन पकड़ने का नहीं है। सवाल उस ग्रामीण और आदिवासी अंचल की जनता का है जिसके लिए सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवा रोजगार, शिक्षा और इलाज तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि ₹35 में संभव सफर के लिए किसी यात्री को ₹280 खर्च करना पड़ रहा है, तो समय-सारणी की समीक्षा की मांग को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
