मंडला। मध्य प्रदेश में बारिश होती है तो सड़कें सिर्फ खराब नहीं होतीं, कई जगहों पर सड़क और कीचड़ के बीच का फर्क ही मिट जाता है। जनता के लिए यह रोजमर्रा की परेशानी है। वह बाइक संभालती है, पैदल निकलती है, कभी धक्का लगाती है और कभी रास्ता बदल लेती है। शिकायत करती भी है तो अक्सर जवाब मिलता है सड़क जल्द ठीक होगी।
लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है। मंडला के चकदेही गांव में सड़क ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के काफिले को ही रोक दिया।
सांसद गांव में करीब 60 लाख रुपये की लागत से बने सामुदायिक भवन के लोकार्पण और अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम विकास का था, लेकिन वहां पहुंचने का रास्ता विकास से काफी दूर नजर आया।
सड़क पर गाड़ी गई तो कीचड़ में धंस गई
बारिश के बाद गांव की कच्ची सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी थी। सांसद की कार आगे बढ़ी और कुछ दूर जाकर कीचड़ में फंस गई। गाड़ी निकालने की कोशिश हुई। अधिकारी जुटे। काफिले की दूसरी गाड़ियों को भी परेशानी हुई।
लेकिन सड़क ने जैसे तय कर लिया था कि आज लोकार्पण से पहले एक और कार्यक्रम होगा ‘कार बचाओ अभियान’।
काफी कोशिश के बाद भी जब गाड़ी नहीं निकली तो गांव वालों ने मोर्चा संभाला।
आखिर ट्रैक्टर आया काम
एक ट्रैक्टर बुलाया गया। कार में रस्सी बांधी गई और फिर ट्रैक्टर ने वह काम कर दिखाया, जो तमाम कोशिशें नहीं कर पाईं। काफी मशक्कत के बाद कार को कीचड़ से बाहर निकाला गया।
सवाल यह है कि जिस सड़क पर सांसद का काफिला ही फंस जाए, वहां से रोज गुजरने वाले ग्रामीणों की हालत क्या होती होगी?
सांसद ने मांगा सड़क निर्माण का प्रस्ताव
घटना के बाद सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताई और पंचायत से सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल यही परेशानी होती है। सड़क की हालत खराब है और आवागमन मुश्किल हो जाता है।
अब उम्मीद है कि इस बार सड़क की फाइल सिर्फ प्रस्ताव बनकर न रह जाए। क्योंकि सवाल केवल एक कार के कीचड़ में फंसने का नहीं है। सवाल उस सड़क का है, जिस पर गांव के लोग सालों से फंसते चले आ रहे हैं।
