साढ़े तीन करोड़ की फिल्टर प्लांट योजना अधूरी, पाइपलाइन बिछाकर ठेकेदार ने काम किया बंद ; पानी के लिए ग्रामीण परेशान
दैनिक रेवाँचल टाईम्स - बजाग। नगर में पेयजल व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर जहां नगर की पुरानी नल-जल सप्लाई पिछले करीब पांच माह से बंद पड़ी है, वहीं करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही नई नल-जल योजना भी अधूरे काम के कारण शुरू नहीं हो सकी है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत वाली फिल्टर प्लांट योजना का काम भी अभी अधूरा है। ऐसे में नगरवासियों को पर्याप्त और शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और बारिश के मौसम में भी लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
नगर की आधी से अधिक आबादी नल-जल सप्लाई पर निर्भर बताई जा रही है। लंबे समय से सप्लाई बंद होने के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई परिवारों को दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोग नदी-नालों के पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं। बारिश का पानी भी लोग घरों में बर्तन और अन्य साधनों में एकत्र कर घरेलू कार्यों में उपयोग कर रहे हैं।
*पाइप बिछी, लेकिन पानी नहीं आया*
नई नल-जल योजना के तहत नगर में पाइपलाइन बिछाने का काम तो शुरू किया गया, लेकिन कई स्थानों पर काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा काम बंद कर दिए जाने के बाद पाइपलाइन कई जगह महज शोपीस बनकर रह गई है। कई मोहल्लों में पाइप जमीन की सतह के ऊपर दिखाई दे रही है, जबकि कई जगह कम गहराई के गड्ढे खोदकर पाइप डालने का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है।
राम मंदिर मोहल्ले के रहवासियों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर पाइपलाइन बिछाई जानी थी, लेकिन सड़क के बीच से मशीन द्वारा खुदाई कर एक ही पाइप डालकर दोनों ओर कनेक्शन निकालने का प्रयास किया गया। इससे पाइपलाइन की गुणवत्ता और भविष्य की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
*लोक सेवा केंद्र के पास खुला छोड़ा गड्ढा*
ग्रामीणों के अनुसार लोक सेवा केंद्र के समीप पाइपलाइन डालने के लिए खोदा गया गड्ढा भी काम पूरा किए बिना खुला छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में यहां पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों द्वारा अधूरे कार्य को तत्काल पूरा कराने के बजाय लापरवाही बरती जा रही है। आवास मोहल्ले में पाइप लाइन बिछाने के दौरान पहले से बनी नाली में ऊपर तक मिट्टी भर दी गई।जिससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है और कीचड़ मच रहा है
*घरों के सामने पाइप, रास्ते भी बाधित*
नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई मोहल्लों में खोदी गई मिट्टी को भी व्यवस्थित नहीं किया गया है। कहीं घरों के सामने पाइप निकालकर छोड़ दी गई है तो कहीं पाइप और खुदाई के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर अधिक गहराई तक खुदाई किए जाने से बारिश का पानी गड्ढों में जमा हो रहा है। वहीं नालियां जाम होने के कारण घरों के आसपास जलभराव की स्थिति भी निर्मित हो रही है।
*पानी के साथ अधूरी योजना ने बढ़ाई परेशानी*
नगरवासियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि नई नल-जल योजना शुरू होने के बाद पेयजल संकट से राहत मिलेगी, लेकिन फिल्टर प्लांट समेत योजना का काम ही पूरा नहीं होने से उम्मीदों पर पानी फिर गया है। पुरानी योजना बंद है और नई योजना अभी चालू नहीं हुई। ऊपर से अधूरी पाइपलाइन और जगह-जगह खुले गड्ढे आमजन के लिए नई मुसीबत बन गए हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि पुरानी नल-जल व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जाए, नई योजना के अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर फिल्टर प्लांट शुरू कराया जाए तथा बेतरतीब तरीके से बिछाई गई पाइपलाइन, खुले गड्ढों और जलभराव की समस्या का भी निराकरण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि लोगों को पीने का पानी ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो योजना की उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं

