घरों से लेकर पंडालों तक गूंजा गणपति का जयकारा, मंडला में धूमधाम से विराजे विघ्नहर्ता
बप्पा का हुआ भव्य स्वागत, आकर्षक प्रतिमाओं और रोशनी से सजे पंडाल; हर ओर सुनाई दिया ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयघोष
रेवांचल टाइम्स | मंडला। गणेश चतुर्थी पर्व पर मंडला शहर श्रद्धा, उमंग और उत्साह के रंग में रंग गया। भगवान गणपति के स्वागत के लिए घरों से लेकर सार्वजनिक गणेश पंडालों तक विशेष तैयारियां की गईं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक गणेश प्रतिमाएं विराजमान हुईं और बप्पा के आगमन के साथ गलियों, चौक-चौराहों और मोहल्लों में ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयघोष गूंज उठा।
घरों में पूजा स्थलों को सजाया गया तो सार्वजनिक पंडालों में आकर्षक विद्युत सजावट और धार्मिक आयोजन शुरू हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में गणेशोत्सव को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
आकर्षक स्वरूप में विराजे गणपति
गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं की धूम देखने को मिली। मूर्तिकारों ने कई दिनों की मेहनत के बाद प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया। गणपति प्रतिमाओं को आकर्षक मुकुट, आभूषण, वस्त्र और रंगों से सजाया गया है।
अलग-अलग आकार और स्वरूप में तैयार गणेश प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। कहीं बाल गणेश का मनमोहक स्वरूप दिखाई दे रहा है तो कहीं सिंहासन पर विराजमान गणपति भक्तों का ध्यान खींच रहे हैं। किसी प्रतिमा में बप्पा आशीर्वाद की मुद्रा में हैं तो कहीं भव्य सजावट के बीच उनका दिव्य स्वरूप नजर आ रहा है।
बच्चों में सबसे ज्यादा उत्साह
गणपति के आगमन को लेकर सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखने को मिला। बच्चे अपने माता-पिता और परिजनों के साथ अपनी पसंद के गणपति को घर लेकर पहुंचे। बप्पा की आकर्षक प्रतिमाओं को देखकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
घरों में स्थापना के लिए छोटी और मध्यम आकार की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी गई, जबकि सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों ने बड़ी और भव्य प्रतिमाओं की स्थापना की है।
सजावटी सामग्री की दुकानों पर बढ़ी चहल-पहल
गणेश प्रतिमाओं के साथ पंडाल और घरों को सजाने के लिए आवश्यक सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी चहल-पहल रही। रंग-बिरंगी लाइटिंग, झालर, फूल, सजावटी पर्दे, कृत्रिम पुष्प, मुकुट और अन्य डेकोरेशन सामग्री की खरीदारी की गई।
गणेश उत्सव समितियों ने अपने पंडालों को आकर्षक और अलग स्वरूप देने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। कहीं रंग-बिरंगी विद्युत सजावट की गई है तो कहीं पूजा स्थल को विशेष थीम के साथ सजाया गया है।
पंडालों में भव्य सजावट, पूजा-अर्चना का दौर शुरू
शहर के विभिन्न हिस्सों में गणेश उत्सव के लिए बनाए गए पंडाल सजकर तैयार हैं। समितियों के सदस्यों ने साफ-सफाई, सजावट, विद्युत व्यवस्था और पूजा स्थल को व्यवस्थित करने सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
बप्पा के विराजमान होते ही पंडालों में पूजा-अर्चना और आरती का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालु परिवार सहित भगवान गणेश के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
घर-घर विराजे विघ्नहर्ता, परिवारों ने की पूजा-अर्चना
गणेश चतुर्थी पर अनेक परिवारों ने अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा स्थलों को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
गणेशोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक उत्साह का भी प्रतीक है। सार्वजनिक पंडालों में मोहल्ले और आसपास के लोग एक साथ पूजा, आरती और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होते हैं।
बप्पा के जयकारों से भक्तिमय हुई शहर की फिजा
मंडला में बप्पा के आगमन को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। घरों में पूजा स्थलों की सजावट और सार्वजनिक पंडालों की भव्यता गणेशोत्सव की रौनक को और बढ़ा रही है।
श्रद्धा और उत्साह के माहौल में मंडला एक बार फिर गणपति की भक्ति के रंग में रंग गया है। पंडालों और घरों में आरती की स्वर लहरियों के बीच शहर की फिजा भक्तिमय हो उठी है और हर ओर एक ही जयघोष सुनाई दे रहा है—
