पीएचसी कटंगी में सर्पदंश से 2 वर्षीय मासूम की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप; निलंबन की मांग
समाजवादी पार्टी ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, ₹5 लाख मुआवजा और मजिस्ट्रेट जांच की मांग
जबलपुर। पाटन विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में 26 अगस्त 2026 को सर्पदंश से पीड़ित 2 वर्षीय मासूम की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर ग्रामीण नीति राठौर को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पीएचसी कटंगी में पदस्थ चिकित्सक डॉ. आदर्श विश्नोई द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई। पार्टी का कहना है कि उनकी मूल पदस्थापना पीएचसी कटंगी में है और वेतन भी वहीं से आहरित होता है।
🐍 परिजनों का आरोप—इंजेक्शन था, लेकिन लगाया नहीं गया
पीड़ित परिवार के हवाले से ज्ञापन में दावा किया गया है कि 26 अगस्त को बच्चे को सर्पदंश के बाद आपात स्थिति में पीएचसी कटंगी लाया गया था। अस्पताल में सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त इंजेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद स्टाफ ने कथित रूप से यह कहते हुए इंजेक्शन नहीं लगाया कि डॉक्टर मौजूद नहीं हैं और उनके निर्देश हैं कि उनकी उपस्थिति में ही इंजेक्शन लगाया जाए।
समाजवादी पार्टी ने इस कथित व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन के प्रोटोकॉल में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि जीवनरक्षक उपचार केवल संबंधित डॉक्टर की उपस्थिति में ही दिया जाए। पार्टी का आरोप है कि समय पर उपचार न मिलने के कारण मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉ. आदर्श विश्नोई ने मीडिया में पीएचसी कटंगी में चिकित्सक पदस्थ न होने संबंधी जानकारी दी, जबकि समाजवादी पार्टी का दावा है कि उनकी पदस्थापना वहीं है। पार्टी ने इसे शासन की छवि प्रभावित करने वाला मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
📌 समाजवादी पार्टी की तीन प्रमुख मांगें
⚡ कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पीड़ित परिवार के साथ कलेक्टर कार्यालय जबलपुर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य शासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी
मामले में लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी के ज्ञापन और पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विभाग का विस्तृत पक्ष सामने आने और प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना में किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
