Breaking

revanchal times new

छिंदवाड़ा में अवैध कॉलोनाइजरों पर शिकंजा: चंदनगांव में बिना अनुमति कटी कॉलोनी अनाधिकृत घोषित, FIR दर्ज कराने के आदेश



🚨 बड़ी कार्रवाई | अवैध कॉलोनाइजरों पर नगर निगम का शिकंजा
छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा में अवैध कॉलोनाइजरों पर शिकंजा: चंदनगांव में बिना अनुमति कटी कॉलोनी अनाधिकृत घोषित, FIR दर्ज कराने के आदेश

निगम आयुक्त सी.पी. राय का कड़ा रुख—नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नहीं बरती जाएगी शिथिलता

⚠️ नागरिकों से अपील: प्लॉट खरीदने से पहले रेरा पंजीयन, कॉलोनाइजर लाइसेंस और नगर निगम की अनुमति जरूर जांचें
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा। नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा सीमा क्षेत्र में बिना सक्षम अनुमति के कॉलोनी विकसित करने और भूखंडों की बिक्री करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देश पर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इसी कार्रवाई के तहत नगर निगम ने मौजा चंदनगांव में बिना आवश्यक अनुमति विकसित की जा रही एक कॉलोनी को मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत अनाधिकृत (अवैध) घोषित कर दिया है। संबंधित भूमि स्वामी के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

🔍 बिना डायवर्सन और रेरा पंजीयन के बेचे गए प्लॉट

मामला मौजा चंदनगांव स्थित खसरा नंबर 524/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.4520 हेक्टेयर भूमि का है। नगर निगम के अनुसार भूमि स्वामी श्रीमती पारवती, पति जयदेव, निवासी चंदनगांव द्वारा आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के बिना कॉलोनी विकसित की जा रही थी।

नियमों को ताक पर रखकर विकसित की जा रही थी कॉलोनी

जांच के दौरान सामने आया कि कॉलोनी विकास से पहले आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गई थीं। आरोप है कि भूमि को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर भूखंडों की बिक्री की गई।

भूमि का व्यपवर्तन (डायवर्सन) नहीं कराया गया
कॉलोनाइजर लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया
रेरा पंजीयन नहीं कराया गया
कॉलोनी विकास की विधिवत स्वीकृति नहीं ली गई

राजस्व निरीक्षक मंडल और मौजा पटवारी के संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट एवं पंचनामा में इस पूरे मामले को मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 का उल्लंघन माना गया।

🚔 नोटिस का जवाब अमान्य, FIR दर्ज कराने के निर्देश

नगर निगम कार्यालय की ओर से भूमि स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। भूमि स्वामी द्वारा नोटिस के जवाब में प्रस्तुत पक्ष को निगम ने विधिसम्मत नहीं माना और उसे खारिज कर दिया।

इसके बाद निगम आयुक्त सी.पी. राय ने संबंधित स्थल को अवैध घोषित करते हुए भूमि स्वामी के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए।

नियमों का उल्लंघन कर बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शहर के सुनियोजित विकास और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों पर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
— सी.पी. राय, आयुक्त
नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा

🏠 प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम की चेतावनी

नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई से भूखंड खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी और कॉलोनाइजर के दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

प्लॉट खरीदने से पहले इन दस्तावेजों की पुष्टि करें:

✅ कॉलोनी की वैधता
✅ नगर निगम द्वारा स्वीकृत मानचित्र
✅ कॉलोनाइजर का वैध लाइसेंस
✅ रेरा पंजीयन
✅ भूमि का डायवर्सन
✅ कॉलोनी विकास की सक्षम अनुमति
क्यों जरूरी है दस्तावेजों की जांच?

बिना अनुमति विकसित कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को बाद में सड़क, नाली, बिजली, पेयजल, भवन अनुमति और संपत्ति संबंधी अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी भूखंड सौदे से पहले संबंधित विभाग से उसकी वैधता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

रेवांचल टाइम्स जनहित संदेश
“सस्ता प्लॉट देखकर जल्दबाजी न करें—पहले दस्तावेज जांचें, फिर निवेश करें”
```

Post a Comment

Previous Post Next Post