एल्गिन अस्पताल में नवजात के हाथ में फ्रैक्चर का मामला गरमाया, कांग्रेस ने मांगी निष्पक्ष जांच
जबलपुर। रानी दुर्गावती एल्गिन अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात शिशु के हाथ की हड्डी में फ्रैक्चर सामने आने का मामला अब प्रशासन तक पहुंच गया है। नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी ने जिला कलेक्टर के नाम अतिरिक्त कलेक्टर नीता राठौर को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि 18 सितंबर को मामले की जानकारी मिलने के बाद रिज़वान अली कोटी एल्गिन अस्पताल पहुंचे थे। परिजनों ने प्रसव के दौरान अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लगाए। कांग्रेस ने कहा कि नवजात के साथ हुई घटना गंभीर एवं संवेदनशील है, इसलिए चोट किन परिस्थितियों में लगी, इसका निष्पक्ष परीक्षण जरूरी है।
कोटी के अनुसार उन्होंने मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा की थी। बाद में CMHO की ओर से मीडिया में प्रसव को जटिल बताते हुए नवजात को चोट लगने की बात कही गई। कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रसव से एक दिन पहले 17 सितंबर को कराई गई सोनोग्राफी रिपोर्ट में उपलब्ध विवरण के अनुसार किसी बड़ी प्रसव संबंधी जटिलता का उल्लेख नहीं था।
हालांकि सोनोग्राफी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस की यह व्याख्या उसका पक्ष है। प्रसव वास्तव में कितना जटिल था और फ्रैक्चर किन परिस्थितियों में हुआ, इसका चिकित्सकीय निष्कर्ष विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
नवजात के निःशुल्क उपचार की भी मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त कलेक्टर से मांग की कि जांच के माध्यम से नवजात को हुई चोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि जांच में किसी चिकित्सक, कर्मचारी अथवा अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही नवजात को उचित एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बादल पंजवानी, एजाज़ अंसारी, कुणाल भाटिया, अदनान अंसारी, सिकंदर खान और शफ़ी खान सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोट: अस्पताल पर लापरवाही के आरोप परिजनों एवं शिकायतकर्ताओं के हैं। घटना में चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नवजात को चोट प्रसव की जटिल परिस्थितियों के कारण लगी, इसका अंतिम निर्धारण सक्षम चिकित्सकीय/प्रशासनिक जांच से ही होगा।
