छिंदवाड़ा के रुपक मिगलानी का लद्दाख में बड़ा कारनामा, 11,155 फीट की ऊंचाई पर पूरी की 42 किमी की फुल मैराथन
दुर्गम पहाड़ियों, कम ऑक्सीजन और कठिन चढ़ाई के बीच 42.195 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने का दावा; युवाओं को संदेश—‘छोटे शहरों से भी हासिल किए जा सकते हैं बड़े सपने’
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा। शहर के युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट, लेखक एवं पब्लिक स्पीकर रुपक मिगलानी ने लद्दाख की दुर्गम पहाड़ियों में अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया है। रुपक के अनुसार उन्होंने 13 सितंबर 2026 को करीब 11,155 फीट की ऊंचाई पर आयोजित मैराथन में 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन सफलतापूर्वक पूरी की।
कम ऑक्सीजन और कठिन चढ़ाई के बीच दिखाई मानसिक मजबूती
अपनी इस यात्रा के बारे में रुपक ने बताया कि लद्दाख जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर लंबी दूरी की दौड़ सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होती है। ऊंचाई के कारण शरीर को वातावरण के अनुरूप ढालना और दौड़ के दौरान अपनी गति एवं ऊर्जा का सही प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
रुपक के मुताबिक इस तरह की मैराथन में शामिल होने से पहले उन्होंने अनुकूलन को विशेष महत्व दिया। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में केवल शारीरिक तैयारी पर्याप्त नहीं होती, बल्कि धैर्य, अनुशासन और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है।
रुपक ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसी भी साहसिक गतिविधि से पहले पर्याप्त तैयारी और अनुकूलन जरूरी है। मौसम और शरीर से मिलने वाले संकेतों को नजरअंदाज करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ लेखक और पब्लिक स्पीकर भी
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रुपक मिगलानी लेखन और पब्लिक स्पीकिंग से भी जुड़े हैं। उन्हें विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों में युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए आमंत्रित किया जाता रहा है।
मैराथन की इस उपलब्धि को रुपक केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका कहना है कि वे छिंदवाड़ा के युवाओं को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देने के लिए तैयार हैं।
छिंदवाड़ा के युवाओं की मदद के लिए बढ़ाया हाथ
रुपक ने कहा कि छिंदवाड़ा का कोई युवा यदि शिक्षा या खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है और उसे उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तो वे अपने अनुभव के आधार पर उसकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी उपलब्धि
रुपक की यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरक संदेश देती है कि बड़े लक्ष्य केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होते। निरंतर अभ्यास, अनुशासन, सही तैयारी और दृढ़ संकल्प के जरिए कठिन से कठिन लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
