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हादसे के बाद मैदान में उतरे SDM, खुद सड़क पर संभाला ऑटो चेकिंग का मोर्चा


हादसे के बाद मैदान में उतरे SDM, खुद सड़क पर संभाला ऑटो चेकिंग का मोर्चा

घुघरी में हादसे के बाद प्रशासन सख्त — SDM संस्कार बावरिया की मैदानी कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले ऑटो चालकों में हड़कंप

घुघरी। विगत दिनों घुघरी में ऑटो से जुड़े हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। हादसे के बाद अब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घुघरी संस्कार बावरिया खुद मैदान में उतरकर ऑटो व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। अधिकारी के इस मैदानी हस्तक्षेप से जहां ऑटो चालकों में हड़कंप की स्थिति बनी, वहीं आम लोगों के बीच प्रशासन की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।


दफ्तर से नहीं, सड़क पर उतरकर संभाला मोर्चा

ऑटो संचालन में नियमों की अनदेखी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों के बीच एसडीएम ने खुद सड़क पर पहुंचकर ऑटो की चेकिंग की। इस दौरान वाहनों की स्थिति, संचालन से जुड़े नियमों और यात्रियों की सुरक्षा जैसे बिंदुओं पर मौके पर ही निगरानी की गई।

प्रशासनिक अधिकारी का स्वयं मौके पर उतरना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि हादसे के बाद ऑटो व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता।

हादसे के बाद बदला प्रशासन का रुख — ऑटो व्यवस्था की जमीनी स्तर पर जांच

हादसे के बाद सवाल भी, कार्रवाई की जरूरत भी

घुघरी में हुए ऑटो हादसे ने यात्री सुरक्षा और ऑटो संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में एसडीएम द्वारा खुद मोर्चा संभालना महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मैदानी चेकिंग का यह अभियान लगातार जारी रहेगा या कुछ दिनों बाद फिर वही पुरानी व्यवस्था लौट आएगी?

नियमों की अनदेखी पर कितनी होगी सख्ती?

ऑटो संचालन में कई ऐसे बिंदु हैं जो सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।

क्षमता से अधिक सवारी वाहन दस्तावेज फिटनेस जांच यातायात नियम यात्री सुरक्षा

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि

एसडीएम का स्वयं सड़क पर उतरकर चेकिंग करना प्रशासन की जवाबदेही को जमीनी स्तर पर दिखाता है। हादसे के बाद शुरू हुई यह सख्ती यदि नियमित रूप से जारी रहती है तो ऑटो संचालन व्यवस्था में अनुशासन लाने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी मजबूती मिल सकती है।

अब देखना यह है कि एसडीएम की यह मैदानी पहल घुघरी की ऑटो व्यवस्था में कितना स्थायी बदलाव लाती है।


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