छिंदवाड़ा में विधिक जागरूकता शिविर: पॉक्सो एक्ट की जानकारी हर छात्र के लिए जरूरी – न्यायाधीश राकेश सिंह
लिंगा स्कूल में बाल सुरक्षा व विधिक साक्षरता पर विशेष कार्यक्रम, नशे और साइबर अपराधों के प्रति भी विद्यार्थियों को किया जागरूक
रेवांचल टाइम्स - छिंदवाड़ा। बच्चों को उनके अधिकारों, कानून और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिंगा में विशेष बाल सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला प्रधान न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्दार के निर्देशन तथा विद्यालय प्राचार्य एस.आर. ठाकरे की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
पॉक्सो एक्ट का ज्ञान ही सुरक्षा का कवच
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के प्रावधानों और बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
“पॉक्सो एक्ट की सही जानकारी हर छात्र-छात्रा के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि सतर्कता और जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।”
उन्होंने बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही नशे और उससे जुड़े अपराधों के खतरों पर चर्चा करते हुए युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती में बरतें सावधानी
न्यायाधीश राकेश सिंह ने बाल विवाह से जुड़े कानूनों के साथ छात्र-छात्राओं को छेड़खानी, पीछा करने, ताक-झांक, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो प्रसारित करने तथा सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क और दोस्ती के खतरों के बारे में जानकारी दी।
विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध अथवा असुरक्षित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय माता-पिता, शिक्षक, पुलिस अथवा अन्य विश्वसनीय व्यक्ति और संबंधित सहायता एजेंसी को इसकी जानकारी देना जरूरी है।
CWC और किशोर न्याय अधिनियम की दी जानकारी
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने विद्यार्थियों को बाल कल्याण समिति (CWC) और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदगी और शोषण जैसी परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता व्यवस्था के बारे में भी बताया।
महिला हेल्पलाइन: 1090
राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन: 14490
कार्यक्रम में बताया गया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई पात्र व्यक्ति न्याय तक पहुंच से वंचित न रहे।
विद्यार्थियों को पाम्पलेट, विद्यालय को ‘बाल संरक्षण’ की पुस्तक
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को जागरूकता संबंधी पाम्पलेट वितरित किए गए। साथ ही विद्यार्थियों के अध्ययन और बाल सुरक्षा संबंधी कानूनी जानकारी के लिए विद्यालय के प्राचार्य को ‘बाल संरक्षण’ की पाठ्यपुस्तक भेंट की गई।
विद्यालय परिवार की रही सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक जी.डी. चौधरी, प्रदीप खेलवाड़ी, रश्मि शर्मा, एम. धुर्वे, श्वेता शर्मा, नीलिमा ठाकुर, सुकराम बुनकर, संजय पाल और शोभा फरकारे सहित विद्यालय परिवार ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बाल सुरक्षा के लिए कानून की जानकारी के साथ सतर्कता, सही समय पर शिकायत और विश्वसनीय सहायता व्यवस्था तक पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है।
