नीलम रिश्वत कांड में फैसला: तत्कालीन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को 3 साल का सश्रम कारावास
छतरपुर। स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण की स्वीकृति के एवज में रिश्वत लेने के मामले में छतरपुर जनपद की तत्कालीन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीलम तिवारी को अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया।
करीब छह साल बाद आया अदालत का फैसला
मामला वर्ष 2020 का है। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के करीब छह साल बाद अदालत ने प्रकरण में फैसला सुनाया। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद अदालत ने नीलम तिवारी को दोषी माना और तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को उच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत करने के लिए अदालत से अंतरिम जमानत मिलने की जानकारी दी गई है।
हर शौचालय के एप्रूवल पर ₹500 रिश्वत का था मामला
प्रकरण ग्राम पंचायत धौरी से जुड़ा है। रोजगार सहायक जितेंद्र सिंह ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत निर्मित 13 शौचालयों की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड की गई थीं और आगे की प्रक्रिया के लिए ब्लॉक स्तर से स्वीकृति आवश्यक थी।
अभियोजन के अनुसार प्रत्येक शौचालय की स्वीकृति के बदले ₹500 की मांग की गई थी। 13 शौचालयों के हिसाब से कुल राशि ₹6,500 बनी।
18 फरवरी 2020 को लोकायुक्त ने बिछाया था जाल
शिकायत मिलने के बाद सागर लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन किया। इसके बाद 18 फरवरी 2020 को छतरपुर में ट्रैप कार्रवाई की गई।
अभियोजन के मुताबिक नीलम तिवारी को रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब फैसला सुनाया गया है।
साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत का फैसला
विशेष अदालत ने प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों, ट्रैप कार्रवाई से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद आरोपी को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिया और तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सजा के बाद अंतरिम जमानत, हाईकोर्ट में कर सकती हैं अपील
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सजा सुनाए जाने के बाद नीलम तिवारी को उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए अंतरिम जमानत दी गई है।
डीपीओ प्रवेश अहिरवार के अनुसार निर्धारित अवधि में अपील दाखिल नहीं होने की स्थिति में आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।
पूरा मामला एक नजर में
अभियोजन का आरोप: प्रति शौचालय ₹500 की मांग
कुल राशि: ₹6,500
ट्रैप कार्रवाई: 18 फरवरी 2020
एजेंसी: सागर लोकायुक्त पुलिस
फैसला: 3 वर्ष का सश्रम कारावास
मौजूदा स्थिति: अपील के लिए अंतरिम जमानत
