गांवों की बिजली योजना को चोरों का झटका: नई 33 KV लाइन के तार उड़ाने वाला गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार
जबलपुर। चरगवां थाना पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्र में बिछाई जा रही नई 33 केवी विद्युत लाइन के एल्युमिनियम तार चोरी के मामले में एक गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले से जुड़े बताए जा रहे पांच अन्य लोगों की तलाश जारी है।
छह किलोमीटर लंबी नई विद्युत लाइन के तार काटे
थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे के अनुसार पनागर निवासी चंदन पटेल ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम नया नगर से दपकिया के बीच ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 33 केवी की नई एल्युमिनियम विद्युत लाइन बिछाई गई थी।
आरोप है कि रात के समय करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में लगे तार काटकर चोरी कर लिए गए। इससे नई विद्युत व्यवस्था शुरू करने से जुड़ा काम प्रभावित होने की बात कही गई है।
CCTV और मुखबिर की सूचना से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान चरगवां के अलावा दामन खमरिया और बरगी थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की तार चोरी की घटनाओं की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर सिवनी निवासी भूपेंद्र ठाकुर और मंडला निवासी महफूज मंसूरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद चोरी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई।
कार से रेकी, फिर कटर-रस्सी और सीढ़ी से काटते थे तार
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले कार से सुनसान क्षेत्रों की रेकी करते थे। ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाता था जहां रात में आवाजाही कम रहती थी। इसके बाद कटर, मजबूत रस्सी और सीढ़ी की मदद से विद्युत लाइन के तार काटकर वाहनों में लादकर ले जाने का आरोप है।
23 बंडल एल्युमिनियम तार सहित वाहन और उपकरण जब्त
पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर चरगवां और बरगी क्षेत्र की घटनाओं से संबंधित कुल 23 बंडल एल्युमिनियम तार बरामद किए गए हैं।
✓ एक इनोवा कार
✓ दो वायर कटर
✓ मजबूत रस्सियां
✓ सीढ़ी
पांच अन्य की तलाश, संभावित ठिकानों पर दबिश
पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे पांच अन्य लोगों की तलाश कर रही है। उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की जानकारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि चोरी किए गए तारों को कहां और किसके माध्यम से खपाया जाता था तथा क्या अन्य थाना क्षेत्रों की वारदातों से भी इस नेटवर्क का संबंध है।
चोरी का माल खरीदने वालों तक पहुंचेगी जांच?
बड़ी मात्रा में एल्युमिनियम तार चोरी होने के मामले में अब यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि चोरी की सामग्री को कथित तौर पर किस बाजार या कबाड़ नेटवर्क में बेचा जाता था। पुलिस की आगे की जांच से नेटवर्क के अन्य लोगों और चोरी के माल की संभावित खरीद-बिक्री से जुड़े पहलुओं की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
