शिमला में पांच दिवसीय राष्ट्रीय 'प्राकृतिक कृषि एवं पंचगव्य' आवासीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ
आयोजन समाज कल्याण जन सेवा समिति, भोपाल द्वारा 'हर खेत प्राकृतिक खेती जन अभियान' के तहत आयोजित
रसायनमुक्त, कैंसरमुक्त खेती अपनाएं और गो-उत्पादों से आय दोगुनी करें
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसानों के लिए पांच दिवसीय आवासीय ‘प्राकृतिक कृषि एवं पंचगव्य प्रशिक्षण शिविर’ का शुभारंभ गौ-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक संतोष कुमार गुप्ता रहे। विशेष अतिथियों में पंजाब कृषि विभाग ('आत्मा') के अधिकारी संदीप सिंह, समाज कल्याण जन सेवा समिति (भोपाल) की अध्यक्ष एवं अभियान संयोजिका श्रीमती अस्मा खान, खरगोन से वरिष्ठ मास्टर ट्रेनर व पूर्व कृषि विस्तार अधिकारी पी. एच. बार्चे, पंचगव्य एवं पर्यावरण विशेषज्ञ पंडित राजेश शर्मा 'स्वदेशी', संस्था की उपाध्यक्ष रेशमा खान तथा संगठन मंत्री डॉ. फुरकान हिंदुस्तानी (मेरठ) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत संस्था की उपाध्यक्ष रेशमा खान ने किया।
आने वाली पीढ़ी को कैंसर से बचाने के लिए प्राकृतिक खेती जरूरी अस्मा खान
संस्था की अध्यक्ष श्रीमती अस्मा खान ने शिविर की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए किसानों से आह्वान किया कि वे इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा, "हमें अपनी मिट्टी को जहरमुक्त बनाकर आने वाली पीढ़ियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाना होगा।
शिमला के प्राकृतिक खेतों का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा संयुक्त निदेशक
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक संतोष कुमार गुप्ता ने देश भर से आए किसानों का स्वागत किया। उन्होंने भोपाल की संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान यहां से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और जहरमुक्त खेती के गुर सीखकर जाएं। उन्होंने घोषणा की कि शिविर के दौरान किसानों को शिमला में की जा रही सफल प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक भ्रमण (फील्ड विजिट) भी कराया जाएगा।
प्रमुख वक्ताओं के मुख्य बिंदु
प्राकृतिक खेती से समृद्धि मास्टर ट्रेनर पी. एच. बार्चे ने किसानों से आग्रह किया कि शिविर में सिखाई जा रही तकनीकों को नोट करें और अपने-अपने राज्यों में जाकर 'जीरो बजट' प्राकृतिक खेती का प्रचार-प्रसार करें।
गोबर और गोमूत्र से बनेंगे 85 उत्पाद पंचगव्य विशेषज्ञ पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि गोबर और गोमूत्र का सही प्रसंस्करण कर 85 प्रकार के व्यावसायिक उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इससे किसान कृषि के साथ-साथ कुटीर उद्योग स्थापित कर अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम का कुशल संचालन पर्यावरणविद् पंडित राजेश शर्मा 'स्वदेशी' ने किया तथा अंत में संस्था की उपाध्यक्ष रेशमा खान ने सभी अतिथियों एवं सहभागी किसानों का आभार व्यक्त किया।