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“कागजों में विकास, जमीन पर कीचड़ और गड्ढे! लोहान फार्म मार्ग पर फंसा ट्रक, 300-400 मजदूर लौटे”


मंत्री-अफसरों की आवाजाही वाले मार्ग की हालत बदतर, ग्रामीण बोले—हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?



लोहान फार्म का रास्ता बना मुसीबत का सबब, बांस से भरा ट्रक फंसा तो घंटों थमा आवागमन

गड्ढों और कीचड़ में रोज जोखिम उठाकर पहुंचते हैं मजदूर

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।

जिले के विकासखंड मोहगांव अंतर्गत लोहान कृषि फार्म-सिंगारपुर पहुंच मार्ग की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई। गुरुवार, 10 सितंबर को बालाघाट से लोहान कृषि फार्म के लिए बांस लेकर आ रहा ट्रक जर्जर और कीचड़ से भरे मार्ग में फंस गया। ट्रक के फंसते ही मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

ट्रक फंसा तो मजदूरों का रोजगार भी अटका

मार्ग जाम होने के कारण काम पर पहुंचने वाले करीब 300 से 400 मजदूरों को रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि कुछ मजदूरों को दूसरे कृषि फार्म में शिफ्ट किया गया। सड़क की बदहाली का सीधा असर अब मजदूरों के रोजगार और रोजी-रोटी पर भी पड़ने लगा है।

बाल-बाल बचा चालक, टला बड़ा हादसा

बदहाल सड़क पर बांस से लदा भारी वाहन फंसने के दौरान चालक बाल-बाल बच गया। यदि वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब है और बारिश के दौरान गड्ढों में पानी व कीचड़ भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।


गड्ढों और कीचड़ के बीच रोज जान जोखिम में डालते हैं मजदूर


लोहान कृषि फार्म में काम करने वाले मजदूरों को प्रतिदिन इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। खराब सड़क के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा स्थायी सुधार की दिशा में गंभीर पहल नहीं की जा रही है।

200 एकड़ का फार्म, लेकिन पहुंच मार्ग की हालत बदतर

बताया जाता है कि करीब 200 एकड़ में फैले इस कृषि फार्म में मंत्री से लेकर अधिकारी तक पहुंचते हैं, लेकिन फार्म तक पहुंचने वाले मार्ग की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। सवाल यह है कि जब बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में सड़क की यह हालत है, तो आम मजदूर और ग्रामीण किसके भरोसे आवागमन करें?

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल मार्ग का निरीक्षण कर गड्ढों और कीचड़ से निजात दिलाने तथा सड़क का स्थायी सुधार कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क नहीं सुधारी गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है और उस स्थिति में जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

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