Breaking

revanchal times new

बिजली, नेटवर्क और सड़क से त्रस्त बजाग फूटा: शहडोल-पंडरिया हाईवे पर 4 घंटे चक्काजाम

🚨 दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग | जनआक्रोश

बिजली, नेटवर्क और सड़क से त्रस्त बजाग फूटा: शहडोल-पंडरिया हाईवे पर 4 घंटे चक्काजाम

सब स्टेशन में ताला, एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार; अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम

⚡ 12 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
नेटवर्क, बिजली कटौती और धीमे सड़क निर्माण से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतरे

दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग। बिजली की अघोषित कटौती, एक माह से अधिक समय से खराब जिओ नेटवर्क और मुख्यालय में धीमी गति से चल रहे सड़क निर्माण से परेशान ग्रामीणों का गुरुवार को आखिरकार आक्रोश फूट पड़ा।

दर्जनों ग्रामीण सबसे पहले परडिया डोंगरी स्थित विद्युत सब स्टेशन पहुंचे और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर कर्मचारियों से जानकारी मांगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने सब स्टेशन में ताला जड़ दिया।

इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण बजाग मुख्यालय के बड़ तिराहे पर पहुंच गए और करीब पौने एक बजे शहडोल-पंडरिया हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

तीनों दिशाओं का यातायात ठप, एक किलोमीटर लंबा जाम

चक्काजाम के दौरान ग्रामीण बिजली और मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। बड़ तिराहे से तीनों दिशाओं का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।

बजाग से गाड़ासरई, सागरटोला, डिंडोरी, गोरखपुर, करंजिया, अमरकंटक और पंडरिया छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक किलोमीटर तक वाहन जाम में फंसे रहे।

गुरुवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में लोग बजाग पहुंचे थे। जाम के चलते आम नागरिकों के साथ व्यापारियों और दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बिजली जाते ही नेटवर्क गायब, कॉलिंग और इंटरनेट दोनों बेहाल

ग्रामीणों का कहना है कि बजाग मुख्यालय में पिछले एक माह से अधिक समय से जिओ नेटवर्क लगातार परेशान कर रहा है। कई बार बिजली रहने के बावजूद नेटवर्क उपलब्ध नहीं रहता और कभी बिजली जाते ही मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है।

मोबाइल में एक-दो बार नेटवर्क दिखाई देने के बाद भी कॉल लगाना मुश्किल हो जाता है। कॉल जुड़ने पर आवाज साफ नहीं आती और लोग बार-बार “हेलो-हेलो” करते रह जाते हैं। इंटरनेट और डाटा सेवा भी लगातार प्रभावित रहती है।

ग्रामीणों का आरोप:

जिओ टावर में पर्याप्त पावर बैकअप नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होते ही नेटवर्क सेवा भी प्रभावित हो जाती है।

रोज 6 से 8 घंटे अघोषित बिजली कटौती का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार बजाग मुख्यालय में बिजली व्यवस्था लंबे समय से खराब है। रोजाना छह से आठ घंटे तक अघोषित बिजली कटौती होने का आरोप लगाया गया है।

गुरुवार को भी सुबह करीब छह बजे से दोपहर तक बिजली बंद रही। इसके बाद सुधार कार्य और डीटीआर ट्रांसफार्मर लगाए जाने के कारण भी आपूर्ति प्रभावित हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यालय का अलग टाउन फीडर नहीं होने के कारण दूसरे फीडर में फाल्ट या सुधार कार्य होने पर भी बजाग की बिजली बंद करनी पड़ती है।

ग्रामीणों की मांग है कि बजाग मुख्यालय के लिए अलग फीडर बनाया जाए, ताकि दूसरे क्षेत्रों में खराबी आने पर पूरे नगर की बिजली प्रभावित न हो।

सड़क निर्माण में देरी से धूल, गड्ढे और रोज की परेशानी

चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने मुख्यालय में चल रहे हाईवे सड़क निर्माण को लेकर भी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि घरों और दुकानों के सामने लंबे समय से गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं।

धीमी गति से निर्माण कार्य चलने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। वाहनों की आवाजाही से दिनभर धूल-मिट्टी उड़ती रहती है, जिससे सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी हो रही है।

तहसीलदार के समझाने पर भी नहीं माने ग्रामीण

चक्काजाम की सूचना पर नगर थाना पुलिस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद तहसीलदार देवेंद्र सिंगोंर भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल समाधान और ठोस आश्वासन मिलने तक चक्काजाम खत्म करने को तैयार नहीं हुए।

जाम के दौरान एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को रास्ता दिया गया, हालांकि गोरखपुर मार्ग पर करंजिया और बजाग थाने की 112 सेवा के दो वाहन भी काफी देर तक जाम में फंसे रहे।

चार घंटे बाद मिला आश्वासन, तब खुला जाम

करीब चार घंटे चले चक्काजाम के बाद एसडीएम पुष्पेंद्र अहके और विद्युत विभाग के जिला कार्यपालन अभियंता आर.के. बघेल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।

बिजली व्यवस्था
2 दिन
में सुधार का आश्वासन
जिओ नेटवर्क
15 दिन
में सुधार का भरोसा
सड़क निर्माण
15 दिन
में कार्य पूरा करने का प्रयास

अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब सवा चार बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।

अब बजाग की निगाहें अधिकारियों के वादों पर

दो दिन में बिजली और 15 दिन में नेटवर्क-सड़क सुधार के आश्वासन की होगी असली परीक्षा

गुरुवार को चक्काजाम वाले दिन भी मुख्यालय में सुबह से करीब 12 घंटे तक बिजली की समस्या बनी रही। शाम करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। मोबाइल नेटवर्क भी दिनभर बाधित रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस समस्या को वे लंबे समय से झेल रहे थे, उसके समाधान के लिए उन्हें आखिरकार सड़क पर उतरना पड़ा। अब सबकी निगाहें अधिकारियों द्वारा दिए गए समयबद्ध आश्वासनों पर टिकी हैं।

दैनिक रेवांचल टाइम्स | बजाग
बिजली | नेटवर्क | सड़क | चक्काजाम | बजाग
```

Post a Comment

Previous Post Next Post