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टूटी दीवारें, डगमगाती छत… कब गिर पड़ेगा स्कूल भवन?” शासकीय विद्यालय भारकच्छ कला में बड़ा खतरा — बच्चों की जान पर मंडरा रहा संकट


🚨 दैनिक रेवाँचल टाइम्स | रायसेन | विशेष जनहित रिपोर्ट
स्कूल भवन बना खतरा

टूटी दीवारें, डगमगाती छत… आखिर कब गिर पड़ेगा स्कूल भवन?

शासकीय विद्यालय भारकच्छ कला में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल, 139 विद्यार्थियों की पढ़ाई एक हॉल के भरोसे

दैनिक रेवाँचल टाइम्स | भारकच्छ कला (रायसेन)। ग्राम भारकच्छ कला स्थित शासकीय बालक माध्यमिक शाला का भवन गंभीर रूप से जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। दीवारों में टूट-फूट, छत की खराब हालत और भवन की कमजोर स्थिति के कारण कभी भी हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

⚠️ 139 बच्चों की सुरक्षा का सवाल
कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई एक ही हॉल में दो पालियों में चल रही

एक ही हॉल में 8 कक्षाओं की पढ़ाई

विद्यालय में सुरक्षित एवं पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई एक ही हॉल में दो पालियों में संचालित की जा रही है।

सुबह की पारी
लगभग 75 बच्चे
कक्षा 1 से 5
दोपहर की पारी
लगभग 64 बच्चे
कक्षा 6 से 8

एक ही हॉल में कई कक्षाओं का संचालन होने से न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों के लिए अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना भी चुनौती बन गया है।

जर्जर हिस्से में ही चल रहा विद्यालय कार्यालय

सबसे चिंताजनक बात यह है कि विद्यालय का कार्यालय भी इसी जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। इससे शिक्षक और कर्मचारी भी संभावित खतरे के दायरे में हैं। यदि भवन की तकनीकी स्थिति कमजोर है तो यहां नियमित गतिविधियां जारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

ग्रामीणों ने उठाई मरम्मत और नए भवन की मांग

स्थानीय लोगों और विद्यालय स्टाफ के अनुसार भवन की मरम्मत अथवा नवीन निर्माण की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया।

ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग और प्रशासन तत्काल भवन की तकनीकी जांच कराए और बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।

हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि जर्जर भवन की स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया और कोई दुर्घटना हुई, तो जवाबदेही तय करना जरूरी होगा। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई दुर्घटना के बाद नहीं, उससे पहले होनी चाहिए।

अब बड़ा सवाल यही है—
क्या प्रशासन किसी हादसे के बाद जागेगा,
या उससे पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?
रेवाँचल टाइम्स की पड़ताल: प्रशासन को भवन की तत्काल तकनीकी जांच करानी चाहिए। यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो कक्षाएं किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर मरम्मत अथवा नवीन निर्माण की कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
दैनिक रेवाँचल टाइम्स | रायसेन
शिक्षा | जर्जर स्कूल भवन | बच्चों की सुरक्षा | भारकच्छ कला
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