Breaking

revanchal times new

सावन माह के दूसरे सोमवार को प्रदोष व्रत का बन रहा है विशेष फलदाई योग




 देवाधिदेव महादेव के अति प्रिय सावन मास में पुत्र व धन प्राप्ति का बन रहा है संयोग 


 भगवान शिव के अभिषेक से मिलेगा सभी देवी देवताओं के पूजन का फल - पंडित संदीप ज्योतिषी 


दैनिक रेवाँचल - देवाधिदेव महादेव के  अत्यंत प्रिय सावन मास में इस बार प्रदोष पर दुर्लभ संयोग बन रहा है पंडित संदीप ज्योतिषी ने बताया कि सनातन धर्म में सावन के  सोमवार का विशेष महत्व है क्योंकि चंद्रमा भगवान शिव  के मस्तक पर सुशोभित है और सोमवार चंद्रमा का दिन माना जाता है शिव पुराण के अनुसार सावन के समान कोई श्रेष्ठ महीना नहीं है और सोमवार से उत्तम कोई व्रत नहीं होता सावन के सोमवार को व्रत रखकर जल दूध गन्ने का रस और इत्र से भगवान शिव का अभिषेक करने से धर्म अर्थ काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है

   शिव महापुराण के अनुसार त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल में ब्रह्मा विष्णु सहित सभी देवगन गंधर्व नाग किन्नर अपने गनों के साथ भगवान शिव का पूजन करते हैं इसलिए इस काल में व्रत रहकर भगवान शिव का पूजन करने से सभी देवताओं की आराधना का फल प्राप्त होता है। 

               प्रदोष व्रत का मुहूर्त

 पंचांग के अनुसार सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी और 11 अगस्त 2026 की सुबह है 4:54 पर  समाप्त होगी

 प्रदोष व्रत की पूजा का सर्वोत्तम समय शाम के दौरान होता है इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 :09 से रात 9 :23 तक रहेगा

Post a Comment

Previous Post Next Post