रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|गायत्री शक्तिपीठ उमरानाला में 23 अगस्त 2026 को 'नारी सशक्तिकरण' तथा 'आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी' अभियान के तहत एकदिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 60 भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परासिया से पधारीं मुख्य वक्ताओं वंदना चांदवंशी, कविता माहोरे, शिखा विश्वकर्मा एवं अनिता सूर्यवंशी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं देव पूजन के साथ हुआ।
संस्कारवान पीढ़ी और नारी शक्ति पर मंथन
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विद्वान वक्ताओं ने अपने विचार रखे
गर्भ संस्कार का महत्व वंदना चांदवंशी दीदी ने गर्भ संस्कार की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
परिवार में संस्कार अनिता सूर्यवंशी दीदी ने परिवार को संस्कारवान बनाने और नैतिक मूल्यों को जीवन में ढालने के व्यावहारिक उपाय बताए।
नारी सशक्तिकरण कविता माहोरे दीदी ने समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका और उनके सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला।
प्रेरणागीत शिखा विश्वकर्मा दीदी ने "दुनिया आगे बढ़ती जाए, रहे क्यों पीछे नारी..." गीत प्रस्तुत कर उपस्थिति में नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्टी श्रीमती लता पवार एवं श्रीमती संध्या कड़वे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित सभी परिजनों ने अपने-अपने परिवारों को सुसंस्कृत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में तहसील समन्वयक श्री यशवंतराव पाठे ने सभी अतिथियों व संभ्रांत नागरिकों का आभार व्यक्त किया। तत्पश्चात शांति पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
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