दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मण्डला, 28 अगस्त 2026 अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला जिला अध्यक्ष पी.डी. खैरवार ने सरकार के भेद-भावपूर्ण व्यवहार पर सवाल उठाते हुए बताया है, कि अतिथि शिक्षक पिछले दो महीनों से निरंतर शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं, इसके बावजूद जिले के इक्के-दुक्के विद्यालयों को छोड़कर प्रायः सभी विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे भाई-बहन के प्रमुख त्यौहार रक्षाबंधन जैसे पर्व पर भी गंभीर आर्थिक संकट बना रहा है।
सवाल यह उठना लाजमी है, कि क्या शासन-प्रशासन में बैठे नुमाइंदों को यह नहीं पता कि अधिकतर अतिथि शिक्षक इसी कार्य के सहारे परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। जिनको अपने घर परिवार चलाने क्या चूल्हा जलाए रखने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिसका ध्यान शासन-प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों को कब आएगा?
खैरवार ने आगे बताया, कि इस तरह का भेद-भावपूर्ण व्यवहार लंबे समय से चला आ रहा है। हर समय सवाल उठाते आने के बाद भी सुधार नहीं किया जा रहा है। समय पर मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी, स्कूलों में नियमित शिक्षकों के समान कार्य लिये जाने के बाद भी आवश्यक सुविधाओं का अभाव, भविष्य को लेकर असुरक्षा की स्थिति जैसी तरह-तरह की समस्याओं पर सरकार बेजुबान बनी हुई है। अतिथि शिक्षकों के सामने हमेशा बनी रहने वाली ऐसी गंभीर समस्याओं पर शासन-प्रशासन कभी गंभीरता नहीं दिखाता जो बहुत बड़ा सवाल भी है।
*हमारी प्रमुख मांगें:*
1. जिले के सभी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग के आदेश तिथि से गणना करके दो माह के लंबित मानदेय का भुगतान शीघ्रता से किया जाए।
2. आगामी माह से मानदेय प्रतिमाह 5 तारीख तक खाते में जमा किया जाए।
अगर 3 दिवस के भीतर मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
पी.डी. खैरवार
जिला अध्यक्ष, अतिथि शिक्षक
परिवार मण्डला
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