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कलेक्ट्रेट में बुजुर्गों की परेशानी: ऊपरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर वरिष्ठ नागरिक, अस्थायी लिफ्ट की मांग

कलेक्ट्रेट में बुजुर्गों की परेशानी: ऊपरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर वरिष्ठ नागरिक, अस्थायी लिफ्ट की मांग

मीटिंग हॉल ऊपरी मंजिल पर, शांति समिति की बैठकों में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को हो रही परेशानी

रेवांचल टाइम्स, छिंदवाड़ा। कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित होने वाली शांति समिति और अन्य प्रशासनिक बैठकों में शामिल होने वाले वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट का मुख्य मीटिंग हॉल ऊपरी मंजिल पर स्थित होने के कारण बुजुर्गों को लंबी सीढ़ियां चढ़कर बैठक स्थल तक पहुंचना पड़ता है।

बढ़ती उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण सीढ़ियां चढ़ना कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अस्थायी लिफ्ट लगाने की मांग की है।

 नई बिल्डिंग बनने तक हो अस्थायी व्यवस्था

नागरिकों का सुझाव है कि जब तक कलेक्ट्रेट की नई बिल्डिंग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक परिसर में पोर्टेबल या अस्थायी लिफ्ट की व्यवस्था की जा सकती है। इससे बैठकों में आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को बिना परेशानी के ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

 संचालन को लेकर दिए गए सुझाव

1. सीमित समय में संचालन: लिफ्ट का उपयोग केवल शांति समिति एवं अन्य प्रशासनिक बैठकों के दौरान किया जाए, ताकि सुविधा का उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल हो सके।

2. बैठक समाप्त होने पर बंदी: बैठक समाप्त होते ही लिफ्ट को बंद रखा जाए, जिससे अनावश्यक बिजली की खपत को नियंत्रित किया जा सके।

3. पोर्टेबल लिफ्ट की व्यवस्था: स्थायी निर्माण पूरा होने तक अस्थायी या पोर्टेबल लिफ्ट को वैकल्पिक सुविधा के रूप में इस्तेमाल किया जाए।

 छोटे कदम से मिलेगी बड़ी राहत

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उठाया गया यह छोटा-सा कदम कलेक्ट्रेट आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इससे वे शारीरिक परेशानी के बिना प्रशासनिक बैठकों में अपनी सहभागिता दर्ज करा सकेंगे।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुविधा को प्राथमिकता देने की मांग
रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा

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