आउटफीडर के उपभोक्ताओं को नियमित नहीं मिल रही बिजली, हमेशा बना रहता है फाल्ट का रोना; आवश्यक सेवाएं प्रभावित, लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
दैनिक रेवाँचल टाईम्स - बजाग। नगर मुख्यालय में बिजली और मोबाइल नेटवर्क की बदहाल व्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बिजली की आंख-मिचौली और पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से लड़खड़ा रहे मोबाइल नेटवर्क के कारण आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। शनिवार को भी सुबह से बिजली गुल रही और खबर लिखे जाने तक रात करीब 8 बजे तक बिजली नहीं आई थी। दिनभर बिजली के साथ मोबाइल इंटरनेट और कॉलिंग सेवा भी प्रभावित रही, जिससे लोग परेशान होते रहे।
मुख्यालय के साथ-साथ आउटफीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी और भी गंभीर है। उन्हें नियमित रूप से बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होना आम बात हो गई है। बिजली बंद होने पर कब आएगी, इसकी कोई निश्चितता नहीं रहती। उपभोक्ताओं का कहना है कि हमेशा फाल्ट का रोना बना रहता है। बिजली गुल होने पर फाल्ट की जानकारी तो दी जाती है, लेकिन सुधार कब होगा और आपूर्ति कब बहाल होगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। इसके चलते आउटफीडर के उपभोक्ताओं को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ता है।
बार-बार और लंबे समय तक बिजली बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कामकाज के साथ खेती-किसानी, दुकानों और अन्य जरूरी गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली व्यवस्था को केवल फाल्ट के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। आउटफीडरों की व्यवस्था में सुधार कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है।
सबसे गंभीर स्थिति मोबाइल नेटवर्क की बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जियो का नेटवर्क करीब एक सप्ताह से लगातार कमजोर चल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगे मासिक रिचार्ज कराने के बावजूद न तो ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही इंटरनेट चल पा रहा है। इससे ऑनलाइन भुगतान, यूपीआई लेनदेन और अन्य जरूरी डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दुकानदारों और ग्राहकों के बीच भुगतान अटकने से व्यापार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ऑनलाइन कामकाज भी ठप
मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति का असर सरकारी और निजी कामकाज पर भी पड़ रहा है। ऑनलाइन सेंटरों पर पहुंचने के बाद भी इंटरनेट नहीं चलने से लोगों के जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन संबंधी काम अटक रहे हैं। वहीं बिजली और नेटवर्क दोनों की समस्या के चलते नगर के सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
लगातार बिजली बंद रहने से सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। अस्पताल में फ्रीजर में रखी जाने वाली जीवन रक्षक दवाओं और अन्य जरूरी सामग्री के सुरक्षित रखरखाव को लेकर भी चिंता बनी रहती है। घरों में बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रहने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो रही है।
पहले भी सड़क पर उतर चुके हैं नगरवासी
बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर नगरवासी पूर्व में भी सड़क पर उतरकर आंदोलन कर चुके हैं। उस समय प्रशासन ने जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर जस की तस हो गई। अब लगातार बढ़ती परेशानी के बीच लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर नगर में आंदोलन किए जाने की चर्चा शुरू हो गई है।
नगरवासियों ने बिजली विभाग और मोबाइल सेवा प्रदाता से आउटफीडरों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बार-बार होने वाले फाल्ट का स्थायी समाधान करने तथा मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर कराने की मांग की है।
