दैनिक रेवाँचल टाईम्स - मंडला, मध्य प्रदेश शासन के जनजाति कार्य विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालपी, वर्तमान में सांदीपनि विद्यालय कालपी (खेल परिसर कालपी) के पूर्व प्राचार्य मिहिर कुमार दत्ता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का नाम गौरवान्वित किया है।
सरल, मिलनसार स्वभाव और बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री दत्ता वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में NAEP और साइंस एंड मैथमेटिक्स फ्रेमवर्क 2028-2029 के लिए STEM/STEP एडवाइजरी कमेटी के सदस्य के रूप में चयनित हुए हैं। इस कमेटी का कार्य स्टैटिस्टिक्स और डेटा साइंस के नए करिकुलम के साथ पूरे सिलेबस को नए सिरे से तैयार करना है।
इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के लिए पूरे USA से 3300 विशेषज्ञों ने आवेदन किया था, जिसमें से कठोर चयन प्रक्रिया के बाद मात्र 09 सदस्यों का चयन किया गया है। गौरव की बात यह है कि इन 09 सदस्यों में 08 सदस्य USA के मूल निवासी हैं और एकमात्र एक सदस्य भारतीय मूल के श्री मिहिर कुमार दत्ता हैं।
कौन हैं मिहिर कुमार दत्ता ?
श्री दत्ता का मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से गहरा नाता रहा है। उन्होंने जनजाति कार्य विभाग में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालपी के प्राचार्य रहे हैं।
छात्र जीवन से ही वे प्रतिभाशाली रहे हैं। वर्ष 1999 में हरिद्वार में आयोजित भारत स्काउट गाइड राष्ट्रीय जम्बूरी में उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। महाविद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे अपनी फुटबॉल टीम के कप्तान भी रहे हैं।
NAEP क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?
NAEP का पूरा नाम है National Assessment of Educational Progress**। इसे अमेरिका में **"The Nation's Report Card" भी कहा जाता है।
यह अमेरिका का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद राष्ट्रीय टेस्ट है, जो यह जांचता है कि कक्षा 4, 8 और 12वीं के बच्चे पढ़ाई में कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं।
NAEP क्यों जरूरी है ?
1. पूरे अमेरिका के अलग-अलग राज्यों की शिक्षा की गुणवत्ता की तुलना करने के लिए। 2. स्कूलों और सरकार के लिए नई शिक्षा नीति (Education Policy) बनाने के लिए। 3. यह देखने के लिए कि अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है या नहीं।
इस फ्रेमवर्क को बनाने वाली कमेटी में शामिल होना, अमेरिकी शिक्षा नीति को सीधे प्रभावित करने जैसा है।
STEM और STEP क्या है ?
1. STEM: Science + Technology + Engineering + Mathematics
यह पढ़ाई के उन 4 क्षेत्रों का समूह है जिन पर आज पूरी दुनिया सबसे ज्यादा फोकस कर रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में Problem-Solving, Logic, Innovation और Practical Skills विकसित करना है। जैसे - Robotics, Coding, AI, 3D Printing, Science Lab, Math Olympiad। भारत में भी NEP 2020 और Atal Tinkering Labs के माध्यम से STEM को बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है।
2. STEP: STEP के संदर्भ में दो प्रमुख अर्थ हैं -
A. Science and Technology Entry Program - न्यूयॉर्क स्टेट में कमजोर वर्ग के बच्चों को STEM फील्ड में ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम।
B. Standardized Test for the Evaluation of Proficiency - अंग्रेजी दक्षता जांचने का एक मानकीकृत टेस्ट।
NAEP के इस नए प्रोजेक्ट में STEM और STEP दोनों को एकीकृत कर 2028-29 का भविष्य का पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है।
भारत प्रवास के दौरान विद्यार्थियों से संवाद
अपने भारत प्रवास के दौरान श्री मिहिर कुमार दत्ता इन दिनों भारत में हैं। इस दौरान वे सेवानिवृत्त शिक्षक अखिलेश चंद्रोल के साथ नई दिल्ली, भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित मंडला भी पहुंचे।
मंडला में उन्होंने भारत ज्योति विद्यालय एवं पीएम श्री रानी अवंती बाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने अपने अमेरिका के अनुभवों को साझा करते हुए बच्चों को STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
भोपाल प्रवास के दौरान श्री दत्ता ने जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों श्री विक्रमादित्य सिंह, श्री संजय वार्ष्णेय और श्री सुधीर जैन से सौजन्य भेंट की।
मित्रों ने दी बधाई
श्री दत्ता की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर उनके मित्रों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर है। शिव कुमार कनोजिया, राजकुमार सिंगोर, अखिलेश चंद्रोल, विवेक शुक्ला, प्रवीण वर्मा, ललित दुबे, निरंजन कुशवाहा, प्रकाश बक्षी,मनोज बाजपेई ,महेंद्र श्रीवास,रमेश रैकवार, संजीव जैन, स्नेहल जोशो, पुहुप सिंह भारत सहित अन्य मित्रों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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