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जामुनझिरी प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा 'ग्रीन हब': छिंदवाड़ा नगर निगम ने दागे 20,000 सीड बॉल


 रेवांचल टाइम्स  ​छिंदवाड़ा|शहर के कचरा प्रोसेसिंग प्लांट की बंजर धरती अब बहुत जल्द हरे-भरे जंगलों में तब्दील होने जा रही है। नगर निगम छिंदवाड़ा के हरित अभियान के तहत जामुनझिरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट परिसर में 20,000 सीड बॉल का प्रक्षेपण किया गया। निगम का लक्ष्य पूरे क्षेत्र में कुल 1 लाख सीड बॉल रोपकर छिंदवाड़ा को घने वृक्षों और प्राकृतिक हरियाली की चादर से ढकना है।





*जनभागीदारी और महिला आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल*

​पर्यावरण संरक्षण की इस अनोखी पहल में 'मॉडल फ्यूचर कला एवं तकनीकी शिक्षा समिति' की अध्यक्ष आयशा लोधी के नेतृत्व में सभी सीड बॉल तैयार किए गए हैं। इस पुनीत कार्य में स्व-सहायता समूह  की महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। महिलाओं द्वारा निर्मित ये सीड बॉल न सिर्फ पर्यावरण बचाएंगे, बल्कि महिला सशक्तिकरण की भी एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं।


*दिग्गज अधिकारियों और स्वच्छता चैंपियंस की मौजूदगी*

​सीड बॉल प्रक्षेपण के इस गरिमामयी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया,​प्रमुख उपस्थिति महापौर विक्रम अहके, नगर निगम आयुक्त चंद्र प्रकाश राय, कार्यपालन यंत्री हिमांशु अतुलकर,  सोनू सकरवार, रोहित सूर्यवंशी, उपयंत्री  विवेक चौहान, एनयूएलएम सिटी मैनेजर  उमेश पयासी और डॉ. सेवंती पटेल।

*​विशेष सहयोग* स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर दीपक राज जैन, स्वच्छता चैंपियन शैलेंद्र उजवने, डॉ. मीरा परारकर, मोहम्मद इस्माइल कुरैशी, कोशिमा रजक, पुरुषोत्तम आमीन, आराधना पवार एवं 'मॉडल फ्यूचर' संस्था के सदस्य।

​आज इस धरा पर केवल 20,000 सीड बॉल ही नहीं फेंके गए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और जीवन की नई उम्मीद बोई गई है।


*भविष्य का ग्रीन लैंडमार्क*

​जामुनझिरी प्रोसेसिंग प्लांट की भूमि को प्राकृतिक रूप से घने जंगलों में बदलने का यह प्रयास आने वाले वर्षों में बेहद कारगर साबित होगा। जब ये बीज अंकुरित होकर विशाल वृक्षों का रूप लेंगे, तब यह कचरा प्रोसेसिंग प्लांट प्रकृति के पुनर्जीवन और सामुदायिक जनभागीदारी की एक मिसाल के रूप में पहचाना जाएगा।

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