जबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में मतदान के दौरान सामने आए विवाद और फर्जी मतदान के आरोपों के बाद मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल ने बड़ा फैसला लिया है। बार काउंसिल ने चुनाव प्रक्रिया को निरस्त मानते हुए 15 दिनों के भीतर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही नए मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है तथा जिला अधिवक्ता संघ के संचालन और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सात सदस्यीय तदर्थ समिति गठित की गई है।
फर्जी मतदान के आरोपों के बाद मचा था बवाल
जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं और फर्जी मतदान की शिकायतों को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। बढ़ते विवाद के बीच तत्कालीन मुख्य चुनाव अधिकारी जी.एस. ठाकुर ने चुनाव रद्द करने की घोषणा करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
स्टेट बार काउंसिल की आपात बैठक में बड़ा निर्णय
मामला मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के संज्ञान में पहुंचने के बाद बार काउंसिल की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
7 सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन
स्टेट बार काउंसिल के सचिव आशीष आनंद ने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ के संचालन और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सात सदस्यीय तदर्थ समिति गठित की गई है। समिति में—
- प्रहलाद चौधरी – संयोजक
- राजकुमार दुबे – सह-संयोजक
- संपूर्ण तिवारी – सदस्य
- सुनील चौबे – सदस्य
- अभय सिंह ठाकुर – सदस्य
- प्रवीण चतुर्वेदी – सदस्य
- अरविंद कुमार चौधरी – सदस्य
वहीं दिनेश उपाध्याय को नया चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
15 दिन में कराना होगा निष्पक्ष चुनाव
स्टेट बार काउंसिल ने चुनाव अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष, पारदर्शी और विवाद-मुक्त चुनाव संपन्न कराए जाएं। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा गया है।
अधिवक्ताओं की निगाहें अब नए चुनाव पर
बार काउंसिल के फैसले के बाद अब जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ताओं की नजर आगामी चुनाव प्रक्रिया पर टिकी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार पारदर्शी मतदान व्यवस्था के साथ विवादों से मुक्त चुनाव संपन्न कराया जाएगा, जिससे जिला अधिवक्ता संघ को नया नेतृत्व मिल सके।
