.21 वर्षों से जय जय मां रेवा सेवा समिति श्रृद्धालुओं को कराती है अमरकंटक धाम के दर्शन
दैनिक रेवांचल टाईम्स - मण्डला। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर जय जय मां रेवा सेवा समिति 21 वर्षों की पुरानी परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी श्रृद्धालुओं को अमरकंटक धाम की यात्रा कराई। मंडला झूला पुल स्थित मां नर्मदा तट पर पूजा-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं का जत्था बस से अमरकंटक के लिए रवाना हुआ। अगले दिन गुरु पूर्णिमा पर अमरकंटक पहुंचकर करीब 70 से 80 श्रद्धालुओं ने मां की बगिया में मां नर्मदा का विधि-विधान से पूजन महाआरती और चुनरी अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
अमरकंटक पहुंचे परिक्रमावासियों और अन्य श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर सेवा की गई। कार्यक्रम उपरांत माई बगिया में मां शारदा सुंदरकांड भजन मंडल समिति के द्वारा संगीतमय भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया। समिति प्रमुख संतोष कछवाहा और उनकी टीम ने भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रृद्धालु भक्ति में झूम उठे। वहीं जय जय मां रेवा सेवा समिति सदस्य अर्जुन कछवाहा ने बताया कि समिति पिछले 21 वर्षों से लगातार गुरु पूर्णिमा पर श्रृद्धालुओं को अमरकंटक धाम ले जा रही है। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मां नर्मदा के दर्शन कराना है। समिति मां नर्मदा को ही अपना गुरु स्वरूप मानती है। समिति के रघुनन्दन करोसिया (रघु बब्बा) ने बताया कि कई श्रद्धालु इच्छा होने के बावजूद अमरकंटक नहीं जा पाते। ऐसे लोगों को दर्शन कराने और परिक्रमावासियों की सेवा के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जाती है। उन्होंने बताया कि समिति हर वर्ष शीतकाल में मंडला में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा का भी आयोजन करती है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। गुरु पूर्णिमा के दूसरे दिन मंडला के झूला पुल स्थित जय जय श्री दादाजी महाराज दरबार में भी गुरूदीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का पूजन कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक यात्रा को सफल बनाने में रितेश धौलपुरिया, अर्जुन कछवाहा, प्रहलाद लाहोरी, अभिनाश अग्रवाल, अमर लाहोरिया, विनोद सोनकेशरी, रोहित चावरे, सुदामा राठौर, अनिल सिंहानी, रिंकू कछवाहा, पप्पू कछवाहा, भवानी चक्रवाती, बंटू परस्ते, पवन कांसकार, बादल मालवानी, गोल्डी गुप्ता, जय धौलपुरिया, नवनीत नामदेव, रवि करोसिया, प्रशांत कांसकार, अरुण झारिया, मनोज झारिया, मनोज ताम्रकार, नवीन ठाकुर, शीलेन्द्र करोसिया, संजू यादव, शिवेंद्र कुमार बरमैया, अविनाश कछवाहा, संतोष मेहरोलिया, शिवा यादव, रघुनन्दन करोसिया (रघु बब्बा), रोहित बघेल सहित सभी सदस्यों का योगदान रहा।
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