दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज को लेकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने संबंधी मामला वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। इस बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि आदिवासी समाज ओबीसी आरक्षण का विरोध कर रहा है तथा न्यायालय में इसके विरुद्ध याचिका दायर की गई है।
इन अफवाहों का खंडन करते हुए आदिवासी महापंचायत गढ़ा मंडला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि आदिवासी समाज का ओबीसी समाज के 27 प्रतिशत आरक्षण से कोई विरोध नहीं है और न ही इस संबंध में आदिवासी समाज की ओर से न्यायालय में कोई याचिका दायर की गई है।
महापंचायत ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक और तथ्यहीन जानकारियों पर विश्वास न किया जाए। समाज के दोनों वर्गों के बीच वर्षों से भाईचारे और सौहार्द की परंपरा रही है, जिसे किसी भी अफवाह के माध्यम से कमजोर नहीं होने देना चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में आदिवासी महापंचायत गढ़ा मंडला ने ओबीसी समाज सहित सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें तथा सामाजिक एकता, आपसी विश्वास और भाईचारे को बनाए रखें। महापंचायत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव ही क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है और सभी समाजों को मिलकर इसे मजबूत करना चाहिए।

