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निवास विधायक ने प्रशानिक तंत्र का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप, आरोपी बने केंद्रीय मंत्री कुलस्ते....

रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में तीन विधानसभा है जिनमे मंडला निवास और भुआ बिछिया सामिल है यह जिला आदिवासियों के लिए पूर्णतः आदिवासियों के लिए आरक्षित है जहाँ सरपंच से लेकर सांसद तक के पदों के लिए केवल और केवल आदिवासी ही अधिकृत जन प्रतिनिधि बन सकते है।

                   
भारत को आजाद हुए 75 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी आदिवासी बाहुल्य छेत्रो की दुर्दशा आज भी किसी से छुपी नही है जहाँ पर शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी और सड़क व अन्य सुविधाओ से आज भी इस जिले में निवास रत लोग इन सभी सुविधाओं से वंचित हैं गत दो दशक से लगातार मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार काबिज है जिसमे आदिवासी विधायको का सरकार बनने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता को मुंहकी की खानी पड़ी और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार कमलनाथ के नेतृत्व में बनी जिसमे निवास विधानसभा से लगातार तीन पंचवर्षीय से काबिज़ रहे फग्गनसिंह कुलस्ते के छोटे भाई रामप्यारे कुलस्ते को स्तनीय मतदाताओं सिरे से नकारते हुए लगभग तीस हजार मतों से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी डॉ अशोक मर्सकोले विजय रथ पर बैठाया छात्र जीवन से ही निपुण रहे आदिवासी समाज में अच्छा खासी दखल रखते है, डॉक्टर अशोक मर्सकोले 2023 विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख राजनेतिक दल कांग्रेस और भाजपा अपनी अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है जिसके लिए आदिवासी छेत्रो पर फोकस किया जा रहा है इसी कड़ी में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व 6 बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते को उनके गृहग्राम की विधानसभा निवास से भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया जबकि इनके राजनैतिक अनुभव के सामने जुमा जुमा राजनीति में आये डॉक्टर अशोक मर्सकोले उन्हें टक्कर देने की स्तिथि जनता को नजर आ रही हैं इसी बौखलाहट के चलते केन्दीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते जिनका की राजनीतिक जीवन भी इस चुनाव की जीत हार पर अटका हुआ है और यही वजय है कि अपने पद और होहदे का दुरूपयोग कर प्रशासनिक अमले का इनके द्वारा दुरूपयोग करने का आरोप वर्तमान निवास विधानसभा के विधायक डॉक्टर अशोक मर्सकोले लगातार लगा रहे है और सम्बंधित विषयों की जानकारी निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप दी गई है।

      वही दूसरी ओर केन्दीय मंत्री कुलस्ते को निवास जिला बनाओ संघर्ष समिति के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है और वही वर्षों से बन रही नेशलन हाईवे में मंडला जबलपुर सड़क निर्माण चुकी अधूरा पड़ा हुआ और जो कि नब्बे प्रतिशत हिस्सा निवास विधानसभा में आता है और इस सड़क निर्माण कार्य मे हो रही देरी का खमियाजा भी केंद्रीय मंत्री कुलस्ते को भुगतना पड़ सकता हैं क्योंकि केन्द्र में बैठी सरकार भी इनकी है और ये मंत्री पद पर आसीन है। साथ ही यह भी तय माना जा रहा कि यदि फग्गनसिंह कुलस्ते निवास विधानसभा का चुनाव जीतते है और प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता पर काबिज होती है तो ये मुख्यमंत्री के प्रबल दावे दार के रूप में आदिवासी चेहरा होंगे शायद यही बजय है कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के आदिवासी छेत्रो में हो रहे विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक निवास विधानसभा का चुनाव रोमांचक होगा और इतिहास रचेगा।

             वही वर्तमान विधायक डॉक्टर अशोक मर्सकोले ने निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत दी है जिसमे आरोप लगाया है कि निवास विधानसभा क्षेत्र क्रमांक- 106 से भारतीय जनता पार्टी द्वारा  फग्गन सिंह कुलस्ते को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी विधानसभा चुनाव के लिए घोषित किया गया है। इनके द्वारा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दबाव बनाकर भूमि पूजन / शिल्यानास आदि किये जा रहे है, चूकि प्रत्याशी वर्तमान में केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री के पद में काबिज है, लिहाजा सरकारी तंत्र और सरकारी संसाधनों का उपयोग करने के साथ कार्यक्रमों के दौरान आम जनता से भाजपा के पक्ष मे वोट करने की अपील की जा रही हैं। जो कि निर्वाचन नियमों की अव्हेलना की शिकायत दी हैं।



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